
कांधला में श्रीजी की भव्य रथयात्रा की धूम, जयकारों से गूंजा नगर, जगह-जगह हुआ जोरदार स्वागत
कांधला
नगर में श्री दिगम्बर जैन समाज के द्वारा रविवार को श्री जी की रथ यात्रा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्वालुओं ने नगर में श्री रथ यात्रा से पूर्व श्री नेमि नाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान की पूजा-अर्चना और अभिषेक कर बोली लगाई। इस दौरान सैकडों लोग मौजूद रहे।
रविवार को नगर के श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से श्री जी की रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्री जी की रथयात्रा से पूर्व मंदिर प्रांगण में बोली लगाई गई। जिसमें सौधर्म इन्द्र की बोली रवि जैन अमित जैन शामली वाले, सारथी की बोली आयुष जैन शामली, कुबेर की बोली संजीव कुमार अतिशय जैन के द्वारा, महेन्द्र इन्द्र की बोली कुलदीप जैन शामली, सानत इन्द्र की बोली सुनील जैन विमल जैन डुगंर वाले, जिनवाणी माता की बोली सुभाष चंद दीपक जैन किरठल वालों के द्वारा ली गई। श्रीजी की रथयात्रा में बड़ी संख्या में सकल समाज के महिला, पुरुष, बच्चों के अलावा अन्य समाज के लोग भी शामिल थे। वहीं रथ यात्रा का नगर के सर्व समाज के द्वारा जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। शोभायात्रा से प्रधान नत्थूमल जैन ने कहा कि सच्चे मन से ईश्वर की प्रार्थना करने वालों की कभी हार नहीं होती। जबकि दिखावा करने वाले को कभी ईश्वर का सानिध्य नहीं मिलता। ईश्वर को प्राप्त करने के लिए परोपकार और जरूरतमंद लोगों की सेवा करनी चाहिए। कुछ क्षण़ ही दिल से ध्यान लगाकर भगवान का स्मरण करने मात्र से ही ईश्वर का साक्षात्कार हो सकता है। ईश्वर को पाने के लिए सद्भावना और परोपकार जरूरी है। शांति का आशय जहां तक है, सदकर्मों से मिलती है। जबकि गलत कार्य करने वालों को मन ही मन बेचैनी रहती है। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस मंदिर प्रांगण में जाकर समाप्त हुई। इस दौरान प्रवीण जैन, कुलदीप जैन, नरेन्द्र कुमार जैन, दीपक जैन, जिनेन्द्र जैन, गुणपाल जैन, कवरसैन जैन, हंस कुमार जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन, अक्षत जैन, दीविक जैन, समक्ष जैन, पारस जैन, प्रशांत जैन के साथ सैकडों श्रद्वालु मौजूद रहे