बारिश में भी नहीं रुकी सेवा, पत्रकारों ने कांवड़ियों के स्वागत में बिछा दिया दिल

 

* रेलवे फाटक पर सेवा शिविर लगाकर शिवभक्तों का किया भव्य स्वागत, फल, शीतल पेयजल और सेवा भाव से जीता हर किसी का दिल

 

सादिक सिद्दीक़ी

 

कांधला। सावन और महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कांधला नगर ने एक बार फिर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसकी पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। बुढ़ाना मार्ग स्थित रेलवे फाटक के समीप सोमवार को नगर के हिंदू और मुस्लिम समुदाय से जुड़े पत्रकार एक मंच पर आए और हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जा रहे शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा कर यह संदेश दिया कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सेवा और इंसानियत का रास्ता हमेशा एक ही होता है।सुबह से ही रेलवे फाटक के समीप लगाए गए सेवा शिविर में शिवभक्त कांवड़ियों का उत्साह और श्रद्धा देखने लायक थी। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िए जैसे ही शिविर के पास पहुंचे, पत्रकारों ने मुस्कुराकर उनका स्वागत किया। उन्हें फल, शीतल पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। सेवा भाव से अभिभूत कई कांवड़ियों ने पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहल समाज में प्रेम और विश्वास को और मजबूत करती है।शिविर के दौरान पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं का उत्साह और पत्रकारों का सेवा भाव देखने के लिए आसपास के लोग भी रुकते रहे। राहगीरों ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे दृश्य समाज को जोड़ने का काम करते हैं और नई पीढ़ी को आपसी सम्मान, सहयोग और भाईचारे का संदेश देते हैं।पत्रकारों ने कहा कि कांधला की पहचान वर्षों से गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द के लिए रही है। यहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। यही परंपरा कांधला को अन्य स्थानों से अलग पहचान दिलाती है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, सहयोग और सद्भाव बनाए रखने के लिए इस तरह की सेवा गतिविधियां लगातार होती रहनी चाहिए।इस सेवा शिविर में पत्रकार जितेंद्र चौहान (टिंकू), इस्तखार भाटी, साजिद सिद्दीकी, फुरकान जंग, अमन मित्तल, आरिफ जंग, राजीव चौहान, आदिल राणा, ऋषिपाल काला, इरफान जंग, पुष्पेंद्र चौहान, सोनू ठाकुर, रिजवान, आरजू, शुभम मित्तल, सादिक सिद्दीकी, सोनू जंग, रहमान सुलेमानी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और समाजसेवी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पूरे समर्पण के साथ शिवभक्तों की सेवा की और व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया।स्थानीय लोगों ने कहा कि आज के समय में जब समाज को जोड़ने वाले संदेशों की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब कांधला के पत्रकारों ने सेवा के माध्यम से एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। लोगों का मानना है कि यह केवल कांवड़ियों की सेवा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और इंसानियत का जीवंत संदेश है। पत्रकारों की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है और लोग इसे कांधला की गंगा-जमुनी तहजीब का गौरवपूर्ण उदाहरण बता रहे हैं।

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