👆गाली बाज वर्दी धारी सिपाही अजय पुनिया

ऑडियो वायरल, शिकायत दर्ज और फिर निलंबित सिपाही पर टूटा कार्रवाई का कहर

 

* व्यापारी से कथित गाली-गलौज, धमकी और अभद्रता का मामला बना गले की फांस, सिपाही अजय पुनिया निलंबित, विभागीय जांच शुरू

 

सादिक सिद्दीक़ी

 पीड़ित व्यापारी सचिन कुमार 👆

कांधला थाने में तैनात सिपाही अजय पुनिया की कथित गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी से जुड़ी दो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला तेजी से तूल पकड़ता गया और आम जनता से लेकर सोशल मीडिया तक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। जैसे ही पूरा प्रकरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के संज्ञान में पहुंचा, उन्होंने तत्काल मामले की प्रारंभिक जांच कराई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए।

जानकारी के अनुसार कस्बा कांधला के दिल्ली बस स्टैंड पर हलवाई की दुकान संचालित करने वाले व्यापारी सचिन ने आरोप लगाया था कि सिपाही ने फोन पर उनके साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी तक दी। व्यापारी ने पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।थी

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब व्यापारी का आरोप सामने आया कि शिकायत करने के बाद भी सिपाही ने दोबारा फोन कर कथित रूप से गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। दूसरी ऑडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस प्रशासन से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी तथा मामला पूरे जनपद में चर्चा का विषय बन गया।

बताया जाता है कि दोनों वायरल ऑडियो की जांच के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना किसी देरी के सिपाही अजय पुनिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही निष्पक्ष विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।

थाना प्रभारी निरीक्षक बच्चू सिंह ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित पुलिसकर्मी को थाना कांधला से कार्यमुक्त कर दिया गया है तथा विभागीय जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित व्यापारी सचिन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो पुलिस की छवि पर और अधिक सवाल खड़े हो सकते थे।

वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुलिस विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई कानून के प्रति जवाबदेही और अनुशासन का मजबूत संदेश है। लोगों का मानना है कि वर्दी की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई बेहद आवश्यक है, ताकि आम जनता का पुलिस पर विश्वास बना रहे।

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चर्चाओं में रहा पूरा मामला

 

दो-दो वायरल ऑडियो, व्यापारी की शिकायत, सोशल मीडिया पर बढ़ता जनदबाव और उसके बाद हुई त्वरित कार्रवाई ने इस पूरे प्रकरण को जनपद के सबसे चर्चित मामलों में शामिल कर दिया है। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं कि जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।

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