
पुलिस को खुली चुनौती! एलम में छह ट्यूबवेलों को चोरों ने बनाया निशाना
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बेखौफ बदमाशों ने किसानों की मेहनत पर फेरा हाथ, बिजली के उपकरण समेत कीमती सामान उड़ाया; दो माह से लगातार चोरी से किसानों में दहशत
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। थाना क्षेत्र के कस्बा एलम में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाशों ने एक साथ छह किसानों की ट्यूबवेलों पर धावा बोल दिया। चोर ट्यूबवेलों से बिजली के उपकरण और अन्य कीमती सामान समेटकर फरार हो गए। एक ही रात में छह स्थानों पर चोरी की वारदात से किसानों में हड़कंप मच गया। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर किसानों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।बताया जा रहा है कि पिछले करीब दो महीने से एलम क्षेत्र में चोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चोर बेखौफ होकर आए दिन खेतों और ट्यूबवेलों को निशाना बना रहे हैं। किसानों का आरोप है कि चोरों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि उन्हें पुलिस का भी कोई खौफ नजर नहीं आ रहा। लगातार वारदातों के बावजूद चोर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।मंगलवार को बदमाशों ने कस्बा एलम निवासी किसान हरेंद्र, राजेंद्र, अंकित, संजीव, विक्रांत और संजय के खेतों में स्थित ट्यूबवेलों को निशाना बनाया। चोरों ने ट्यूबवेलों पर पहुंचकर वहां लगे बिजली के उपकरण सहित अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो ट्यूबवेलों पर चोरी की जानकारी हुई। देखते ही देखते चोरी की खबर क्षेत्र में फैल गई और पीड़ित किसानों में हड़कंप मच गया।किसानों ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थलों का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित किसानों से जानकारी जुटाई और जल्द ही चोरी की वारदात का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
खेतों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि ट्यूबवेलों पर लगे बिजली के उपकरण चोरी होने से खेती का काम भी प्रभावित होता है और उन्हें दोबारा उपकरण लगवाने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। किसानों ने पुलिस से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने तथा चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।अब पुलिस के सामने चुनौती यह है कि आखिर एलम में लगातार ट्यूबवेलों को निशाना बनाने वाले चोर कौन हैं और कब तक पुलिस उनके गिरेबान तक पहुंच पाती है। किसानों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई और चोरी के खुलासे पर टिकी है।