डॉक्टर नहीं, सहायक कर रहा था उपचार! नवजात की मौत के बाद अस्पताल में बवाल

 

 

* परिजनों का आरोप डॉक्टर की गैरमौजूदगी में सहायक कर रहा था इलाज, 30 हजार रुपये जमा कराने का दावा; पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर कराया शांत

 

सादिक सिद्दीक़ी,

 

कांधला। कैराना बाईपास रोड स्थित शमा हॉस्पिटल में तीन दिन से भर्ती नवजात की उपचार के दौरान मौत हो जाने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा अस्पताल प्रबंधन पर फूट पड़ा। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया और प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे के चलते अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।नवजात की दादी नसीमा के अनुसार, करीब तीन दिन पहले बच्चे की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए शमा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में उपचार के नाम पर उनसे करीब 30 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बावजूद उनका आरोप है कि नवजात के उपचार के दौरान अस्पताल में चिकित्सक की मौजूदगी नहीं रही और डॉक्टर के सहायक द्वारा ही बच्चे का उपचार किया जा रहा था।परिजनों का आरोप है कि नवजात की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन उन्हें अपेक्षित चिकित्सकीय निगरानी और उपचार नहीं मिल सका। हालत गंभीर होने के बाद नवजात ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही परिजन बिलख उठे और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी में उचित उपचार मिलता तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों से बातचीत की। पुलिस ने मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों को शांत कराया गया। पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल परिसर में स्थिति सामान्य कराई गई।

परिजनों ने मांग की है कि अस्पताल में नवजात के भर्ती होने से लेकर उसकी मौत तक के पूरे उपचार रिकॉर्ड की जांच की जाए। साथ ही उस दौरान अस्पताल में चिकित्सक की मौजूदगी, उपचार करने वाले व्यक्ति की भूमिका और जमा कराई गई रकम समेत तमाम बिंदुओं की जांच कराई जाए। परिजनों का कहना है कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

घटना के बाद इलाके में भी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था और चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर पुलिस और संबंधित स्वास्थ्य विभाग की जांच पर है कि नवजात की मौत के मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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