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 सहारनपुर — सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल द्वारा एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा वर्तमान समय की विभिन्न शैक्षिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (पार्टनर स्कूल्स एवं आईटी इनोवेशन) श्री यश जयपुरिया, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री तरुण चावला, जनरल मैनेजर (अकादमिक्स) सुश्री कीर्ति श्रीवास्तव, प्रधानाचार्या सुश्री पूजा त्यागी एवं निदेशक श्री नितिन गर्ग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधन समिति के सम्मानित सदस्य श्री विवेक मिनोचा, श्री आशीष गर्ग, सीए भारत मिगलानी, श्री अभय गौरव तथा श्री गौतम शंंकर विशेष रूप से मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। पैनल ने अंग्रेज़ी भाषा के साथ-साथ हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में विद्यालयों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ उन्हें अपनी भाषा, संस्कृति एवं मूल्यों से जोड़ना भी अत्यंत आवश्यक है।

चर्चा के दौरान यह विषय भी प्रमुखता से उठाया गया कि विद्यालय में नियमित अध्ययन के बावजूद विद्यार्थियों को ट्यूशन की आवश्यकता क्यों महसूस होती है। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता एवं गति अलग होती है, इसलिए विद्यालय व्यक्तिगत मार्गदर्शन, रिमेडियल कक्षाओं एवं अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

नैतिक शिक्षा के महत्व पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों का विकास केवल एक विषय तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयी वातावरण, व्यवहारिक गतिविधियों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कारों का निर्माण किया जा रहा है।

डिजिटल युग में बच्चों की इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय रही। पैनल ने कहा कि तकनीक आधुनिक शिक्षा का अभिन्न अंग है, किंतु इसके संतुलित एवं सुरक्षित उपयोग के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना समय की आवश्यकता है। विद्यालय इस दिशा में डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा एवं जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं।

विद्यालय की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रबंधन ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में कक्षा 9 एवं 10 का संचालन भी प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण माध्यमिक शिक्षा का लाभ स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही विद्यालय में खेल एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे। विद्यालय पहले से ही अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिनमें शूटिंग रेंज, रेडियो जॉकी (आर.जे.) स्टूडियो, स्विमिंग पूल तथा विभिन्न रचनात्मक एवं कौशल आधारित गतिविधियों की व्यवस्थाएं शामिल हैं। आगामी वर्षों में क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, तीरंदाजी, एथलेटिक्स एवं अन्य खेलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं संसाधनों का विस्तार किया जाएगा। प्रबंधन का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित न रखते हुए खेल, नेतृत्व, संचार कौशल एवं व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की संभावनाओं के लिए तैयार करना है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज के बीच शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक संवाद स्थापित करना था। उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे, जिनका पैनल द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथियों ने शिक्षा के बदलते परिदृश्य, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, भारतीय मूल्यों एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, खेलों तथा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता के विकास को समय की प्रमुख आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन उपप्रधानाचार्या सुश्री शालिनी अरोड़ा द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन करते हुए सभी अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं उपस्थित जनों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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