
“इंसाफ नहीं मिला तो मुख्यमंत्री आवास पर जान दे दूंगा”पीड़ित कपड़ा व्यापारी की चेतावनी से मचा हड़कंप
* आईजी मेरठ जोन ने एएसपी को सौंपी जांच, वायरल वीडियो के बाद गरमाया मामला
सादिक सिद्दीक़ी |
कांधला। कस्बे के मोहल्ला खेल में पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक कपड़ा व्यापारी ने पुलिस पर अवैध रूप से हिरासत में रखने, मारपीट करने तथा 16 हजार रुपये की कथित वसूली करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को मेरठ पहुंचकर एडीजी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित व्यापारी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह अथवा आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होगा।
मोहल्ला खेल निवासी आरिफ पुत्र लतीप ने बताया कि वह कस्बे में कपड़ों का व्यापार करता है। उसके अनुसार गत शुक्रवार को मोहल्ले में हुए एक विवाद की सूचना उसने पुलिस को दी थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उसे ही अपने साथ थाने ले गई। आरोप है कि वहां बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उसे कई घंटों तक हिरासत में रखा गया।
पीड़ित का कहना है कि हिरासत के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और लगातार दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने उससे 16 हजार रुपये भी वसूल लिए। आरिफ के अनुसार देर रात उसे छोड़ा गया, लेकिन उसके साथ हुए कथित उत्पीड़न के मामले में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
आरिफ ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री, डीजीपी सहित कई उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजकर न्याय की मांग की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की जांच सीओ कैराना को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने पीड़ित और उससे जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज किए।
*वायरल वीडियो ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें*
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पीड़ित पक्ष के गवाह बिलाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में पुलिस पर दबाव बनाकर बयान दर्ज कराने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों के बीच भी मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
*एडीजी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार*
मंगलवार को आरिफ अपने परिजनों के साथ मेरठ पहुंचा और एडीजी कार्यालय में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पीड़ित ने कहा कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह अथवा आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से वे लगातार भय और मानसिक तनाव में जी रहे हैं। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष न्याय की मांग की है।
*आईजी मेरठ जोन ने एएसपी को सौंपी जांच*
उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने जांच की जिम्मेदारी एएसपी सुमित शुक्ला को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार आईजी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और जल्द निष्पक्ष रिपोर्ट मांगी गई है।
बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले ने कांधला पुलिस और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
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*[थाने से निकला विवाद पहुंचा मेरठ, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग तेज16 हजार वसूली, अवैध हिरासत और मारपीट के आरोपों से कांधला पुलिस सवालों के घेरे में]*