
फर्जी लोन ऐप का जाल बना काल, युवक ने गंवाई जिंदगी
* मृतक अपने पीछे तीन छोटे बच्चों 6 वर्षीय पुत्र, 3 वर्षीय पुत्री और 1 वर्षीय बेटी को छोड़ गया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सादिक सिद्दीक़ी
कांधला क्षेत्र के गांव मलकपुर में हनी ट्रैप और फर्जी लोन ऐप के जाल में फंसे एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर गांव में शोक की लहर है, वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने थाना कांधला में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव मलकपुर निवासी 27 वर्षीय बिलाल पुत्र इस्लाम ने 14 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे अपने दोस्तों और बहनों को दो वीडियो भेजे थे। इन वीडियो में उसने बताया कि वह फर्जी लोन ऐप और ब्लैकमेलिंग से मानसिक रूप से परेशान है और इसी कारण वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने जा रहा है। वीडियो में उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी मौत के लिए उसके परिवार का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है।

वीडियो सामने आते ही परिजनों और दोस्तों में हड़कंप मच गया। सभी ने तत्काल बिलाल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद मिला। घबराए परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उसका शव गांव नानूपुरी के खेतों में मिला। शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
अंतिम संस्कार के बाद जब मृतक के छोटे भाई सुहैल ने बिलाल का मोबाइल चेक कराया, तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। मोबाइल में व्हाट्सएप के जरिए आधा दर्जन से अधिक विदेशी, विशेषकर पाकिस्तानी नंबरों से लगातार कॉल और मैसेज आ रहे थे। इन मैसेजों में पैसे की मांग की जा रही थी और धमकियां दी जा रही थीं।परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने बिलाल की फर्जी अश्लील तस्वीरें तैयार कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। साथ ही यह धमकी दी जा रही थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो ये तस्वीरें उसके रिश्तेदारों और परिचितों को भेज दी जाएंगी। इस मानसिक दबाव में आकर बिलाल ने पिछले कुछ दिनों में करीब तीन लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।हैरानी की बात यह है कि बिलाल की मौत के बाद भी आरोपी उसके मोबाइल नंबर पर लगातार कॉल और मैसेज कर रहे हैं और फर्जी तस्वीरें भेजकर पैसे की मांग कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं।मृतक अपने पीछे तीन मासूम बच्चों 6 वर्षीय पुत्र, 3 वर्षीय पुत्री और 1 वर्षीय बेटी को छोड़ गया है। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साइबर अपराध से जुड़े इस प्रकरण में तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।