
नानूपुरी गेट पर टकराव, ‘मेरी जमीन–तेरी जमीन’ का घमासान
सादिक सिद्दीकी,
कांधला। बुधवार को कस्बे के नानूपुरी गेट के पास उस वक्त माहौल अचानक गरमा गया, जब एक विवादित जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते उग्र बहस का रूप ले लिया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पूरे इलाके में “किसकी जमीन?” को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
सूचना मिलते ही तहसीलदार अर्जुन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन हालात शांत होने के बजाय और गर्माते नजर आए। तहसीलदार की मौजूदगी में ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर नोकझोंक होने लगी। एक तरफ निशांद अहमद अपने समर्थकों के साथ डटे रहे, तो दूसरी ओर राजीव मालिक भी अपने पक्ष के लोगों के साथ पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे।
दोनों पक्षों ने अपने-अपने जमीन से जुड़े कागजात तहसीलदार के सामने रखे और जोर-शोर से अपना दावा ठोकते रहे। “कागज़ हमारे मजबूत” और “जमीन हमारी” जैसे दावों के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण होता चला गया। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हालात कई बार बिगड़ने की कगार पर पहुंच गए, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने स्थिति को संभाले रखा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अर्जुन सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। बिना कानूनी प्रक्रिया और नोटिस के किसी भी पक्ष को जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया जा सकता। उन्होंने दोनों पक्षों को चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने की कोशिश न करें और शांति बनाए रखें।
इसके बावजूद घंटों तक चली बहस थमती नजर नहीं आई और कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका। आखिरकार प्रशासनिक टीम को बिना किसी निर्णय के ही वापस लौटना पड़ा, जिससे विवाद जस का तस बना हुआ है।
मौके पर पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए लगातार नजर बनाए रखी। इस दौरान तहसीलदार अर्जुन सिंह, लेखपाल मिंटू समेत अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।