शामली। गुलवेज़ आलम। जनपद में गुरुवार देर रात पुलिस और कुख्यात बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दिल्ली का 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी रिहान मारा गया। इस दौरान पुलिस का एक सिपाही गोली लगने से घायल हो गया, जबकि बदमाश का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। लगभग आधे घंटे तक चली इस मुठभेड़ से इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देर रात तक पुलिस की टीमें कॉम्बिंग अभियान चलाती रहीं।
घटना की शुरुआत गुरुवार रात करीब नौ बजे बाबरी थाना क्षेत्र में हुई, जब बाइक सवार दो बदमाशों ने फतेहपुर निवासी राहुल को रास्ते में रोक लिया। बदमाशों ने उसे हथियारों के बल पर धमकाकर नकदी, मोबाइल फोन और सोने की अंगूठी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी तेज गति से फरार हो गए। पीड़ित राहुल ने तुरंत पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया। सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया और मुख्य सड़कों तथा संभावित मार्गों पर घेराबंदी कर दी गई।
करीब तीन घंटे की तलाश के बाद रात लगभग 12:30 बजे कोतवाली शामली और आदर्श मंडी थाना पुलिस पूर्वी यमुना नहर पटरी के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में सिपाही सुमित को गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा।

पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से चली गोलियों की आवाज से आसपास का इलाका गूंज उठा। जवाबी कार्रवाई में एक गोली इनामी बदमाश रिहान को लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसका साथी मौके का फायदा उठाकर अंधेरे में भाग निकला। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद पुलिस ने घायल सिपाही और बदमाश को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने रिहान को मृत घोषित कर दिया, जबकि सिपाही का इलाज जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मारा गया बदमाश रिहान दिल्ली के जाकिर नगर, न्यू ओखला क्षेत्र का निवासी था और लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। वह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में चेन स्नैचिंग, लूट और चोरी की कई घटनाओं में वांछित चल रहा था। उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में करीब 90 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें दिल्ली में सबसे अधिक 49 और गाजियाबाद में 28 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा शामली, बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर में भी उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह बेहद शातिर और दुस्साहसी अपराधी माना जाता था।
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक मेड-इन-इटली पिस्तौल, एक देसी तमंचा, आठ जिंदा कारतूस, सात खोखे, लूटा हुआ मोबाइल फोन और सोने की अंगूठी बरामद की है। बरामद सामान को कब्जे में लेकर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। फरार बदमाश की तलाश में आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
एसपी शामली एन.पी. सिंह ने बताया कि पुलिस को बदमाशों की सूचना मिलते ही घेराबंदी की गई थी। आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी देने के बावजूद बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

