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योगी सरकार के आदेशों की उड़ रही धज्जियां! एसडीएम कैराना पर दबंगों को संरक्षण देने के आरोप!

डीएम के आदेश बेअसर — सरकारी चकमार्ग और नाली पर दबंगों का कब्जा बरकरार, तहसील प्रशासन हुआ बेबस!

शामली। कैराना तहसील प्रशासन इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि एसडीएम कैराना न सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन के आदेशों की अनदेखी कर रही हैं, बल्कि दबंग कब्जाधारियों को परोक्ष रूप से संरक्षण भी प्रदान कर रही हैं। मामला कैराना के बाहर हदूद के हल्का संख्या-02 के खसरा नंबर 990 और 991 का है, जहां सरकारी चकमार्ग व नाली पर स्थानीय दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है।

जानकारी के अनुसार, डीएम शामली अरविंद चौहान ने हितधारकों के प्रार्थना पत्र पर साफ़ आदेश जारी किए थे कि इन सरकारी चकमार्गों व नालियों को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए, लेकिन एसडीएम कैराना और तहसील प्रशासन अब तक किसी निर्णायक कार्रवाई में नाकाम साबित हुआ है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि प्रशासनिक अधिकारी अब दबंगों के सामने नतमस्तक दिखाई दे रहे हैं।

पत्रकारों का आक्रोश और बैठक

इस गैरकानूनी घटनाक्रम से आक्रोशित कैराना के पत्रकारों ने अब एसडीएम के कृत्यों की पोल खोलने की ठान ली है। स्थानीय पत्रकारों ने इस मुद्दे पर आपातकालीन बैठक कर प्रशासन की भूमिका पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री स्तर पर संगठित रूप से ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा आंदोलन का एलान होगा।

जनता में बढ़ रहा असंतोष

जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं जनहित और पारदर्शिता की नीति को सर्वोपरि मानते हैं, तब एक एसडीएम का इस तरह आदेशों की अनदेखी करना योगी सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। लोगों का कहना है कि कैराना में प्रशासनिक मिलीभगत के बिना दबंगों का इतना हौसला नहीं बढ़ सकता।

कुल मिलाकर, कैराना में एसडीएम की कार्यशैली और प्रशासनिक निष्क्रियता आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक और मीडिया मुद्दा बन सकती है।

 

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