कांग्रेस बोलेगी संसद से सड़क तक- संवैधानिक अधिकारों की होगी रक्षा: इमरान प्रतापगढ़ी
कैराना। कस्बा निवासी एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मो० इमरान मलिक ने देशभर में सुर्खियों में आए “आई लव मुहम्मद” प्रकरण को लेकर मौजूदा सरकार की कार्रवाई को पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मूल अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतंत्र की आत्मा के विपरीत है। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता मलिक ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद और कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी से विशेष मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान अधिवक्ता इमरान मलिक ने स्पष्ट कहा कि—
“संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने विचार और भावनाओं की अभिव्यक्ति का अधिकार देता है। लेकिन मौजूदा समय में सरकार इस संवैधानिक अधिकार को सीमित करने और अल्पसंख्यक समाज को निशाना बनाने की नीतियां अपना रही है। ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद को जिस प्रकार से तूल दिया जा रहा है, वह सरकार के असली चेहरे को उजागर करता है। यह महज एक नारा नहीं बल्कि सीधे-सीधे संवैधानिक अधिकारों से संबंधित मामला है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की कठोर कार्रवाई से अल्पसंख्यक समाज में असुरक्षा और असंतोष बढ़ रहा है, जो लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक गंभीर खतरा है।
इस मौके पर सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अधिवक्ता मलिक की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में चुप नहीं बैठेगी।
उन्होंने कहा—
“कांग्रेस किसी भी कीमत पर संवैधानिक अधिकारों से समझौता होने नहीं देगी। इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया जाएगा और सरकार की जवाबदेही तय की जाएगी।”
गौरतलब है कि “आई लव मुहम्मद” प्रकरण ने बीते कुछ समय से राष्ट्रीय राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है। अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं। अब अधिवक्ता इमरान मलिक द्वारा इसे प्रमुखता से उठाए जाने और कांग्रेस नेतृत्व से चर्चा होने के बाद राजनीतिक हलकों में इस विषय पर चर्चाएं और तेज़ हो गई हैं।
जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में यह प्रकरण विपक्ष के लिए सरकार को घेरने का बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक मुद्दा साबित हो सकता है।