कैराना (शामली)। स्थानीय वाईजी गैंग के गुर्गों ने एक नाबालिग किशोर के साथ जमकर मारपीट की और उसे गाली-गलौच के साथ जान से मारने की धमकी दी। यह घटना कांधला थाना क्षेत्र के एक जंगल में हुई बताई जा रही है, जबकि पीड़ित और आरोपी दोनों ही कैराना क्षेत्र के निवासी हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में बढ़ती गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति उजागर हुई है।
आरोप है कि वाईजी गैंग के छह से अधिक गुर्गों ने किशोर को खेत में ले जाकर बेरहमी से पीटा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी किशोर को गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। करीब ढाई मिनट के वीडियो में एक युवक सिर पर टोपी लगाए किशोर को धमका रहा है, जबकि अन्य दो युवक उसे पकड़े हुए हैं और एक तीसरा डंडे से उसकी पिटाई कर रहा है। पीड़ित किशोर बार-बार अपनी जान बख्शने की गुहार लगा रहा है, लेकिन आरोपी उसे पीटते रहते हैं।
पीड़ित ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
मामले में पीड़ित किशोर के पिता ने कांधला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित किशोर गांव जहानपुरा का रहने वाला है, जबकि आरोपी कैराना के मोहल्ला आलखुर्द के निवासी बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया ग्रुप बने पुलिस के लिए चुनौती!
इस घटना ने एक बार फिर कैराना क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों को उजागर किया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में 007, बाबा, भीमा, वाईजी, याहिया, भाटी और चीमा जैसे कई ग्रुप सक्रिय हैं, जो सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को चुनौती देते हुए हिंसक वीडियोस पोस्ट करते हैं। इन ग्रुपों में कैराना के अलावा आसपास के थाना क्षेत्रों और हरियाणा के युवक भी शामिल हैं।
इसी साल 1 अप्रैल को गांव मन्नामाजरा में हुए खूनी संघर्ष में भी याहिया और भाटी ग्रुप के नाम सामने आए थे। इस मामले में 18 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा, 14 जुलाई को वाईजी ग्रुप के सदस्यों ने मोहल्ला खैलकलां के एक व्यक्ति अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पुलिस अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका!
इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह मीटिंग में होने के कारण उपलब्ध नहीं हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, वरना यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।