IMG-20250717-WA0014

 

कैराना। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के साथ एडीएम (अपर जिला मजिस्ट्रेट) प्रशासन, सहारनपुर द्वारा कथित दुर्व्यवहार के मामले ने कैराना के अधिवक्ताओं में गुस्सा भर दिया है। गुरुवार को दर्जनों वकीलों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन राजस्व निरीक्षक अरविंद कुमार को सौंपा और एडीएम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

1 जुलाई को कैराना लोकसभा सीट से सांसद इकरा हसन, पूर्व सूचना देने के बाद एडीएम प्रशासन सहारनपुर से मिलने उनके कार्यालय पहुंची थीं। उनके साथ नगर पंचायत छुटमलपुर की निर्वाचित अध्यक्षा शमा परवीन भी थीं। मुलाकात का मकसद जनसमस्याओं को सीधे एडीएम के सामने रखना था, लेकिन एडीएम कार्यालय में नहीं मिले और न ही उन्होंने सांसद का फोन उठाया।

आरोप:

कार्यालय के कर्मचारियों ने सांसद को टालने की कोशिश की और कहा कि “जो कहना है, लिखकर दे जाइए।”

करीब दो घंटे बाद एडीएम आए, लेकिन सांसद की नाराजगी पर उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया।

जब सांसद ने नगर पंचायत अध्यक्षा शमा परवीन की समस्याएं उठाईं, तो एडीएम ने उन्हें धमकाना और दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया।

सांसद के विरोध करने पर एडीएम ने कहा कि “आप मेरे कार्यालय से बाहर जाइए और जहां शिकायत करनी है, कर लीजिए।”

अधिवक्ताओं का रोष:

ज्ञापन में कहा गया कि यह घटना भारत सरकार के गृह मंत्रालय और कार्मिक विभाग के निर्देशों का उल्लंघन है तथा सांसद के संसदीय विशेषाधिकारों का हनन भी। अधिवक्ताओं ने मांग की कि एडीएम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

इस दौरान अधिवक्ता राशिद अली, नसीम अहमद, मनीष कौशिक, सालिम अली, मोहम्मद मुस्तफा, अफजाल अहमद, अजय चौधरी, वीरेंद्र विश्वकर्मा, मोनू चौधरी, नायब सिद्दीकी, सरवेज जंग, सुशील कुमार, अरशद खान, नत्थू सिंह, अरुण आदि तथा किसान नेता आमिर अली मौजूद रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। अब देखना होगा कि इस मामले में सरकार क्या कार्रवाई करती है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!