कैराना। नगर पालिका परिषद (नपा) के चेयरमैन शमशाद अहमद अंसारी के खिलाफ विगत पांच दिनों से चल रहे सभासदों के धरने ने अब गंभीर रूप ले लिया है। बुधवार को छठे दिन यह प्रदर्शन भूख हड़ताल में बदल गया, जिसमें पांच सभासदों ने अपनी मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
तानाशाही के आरोप, सभासदों ने बढ़ाया दबाव
धरनारत सभासदों ने चेयरमैन पर तानाशाही और निरंकुश शासन के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सभासद शाहिद हसन, उम्मेद राणा, राजपाल सिंह, फिरोज खान और राशिद बागवान ने संयुक्त रूप से भूख हड़ताल शुरू की है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे इस प्रदर्शन को जारी रखेंगे।
प्रशासन की वार्ता भी हुई नाकाम
मामले को सुलझाने के लिए नायब तहसीलदार सतीश यादव ने धरनास्थल पर पहुंचकर सभासदों से बातचीत की, लेकिन वार्ता सफल नहीं हो सकी। सभासदों ने साफ किया कि वे तब तक धरना नहीं छोड़ेंगे, जब तक चेयरमैन स्वयं धरनास्थल पर नहीं आते और उनकी शिकायतों का समाधान नहीं करते। नायब तहसीलदार ने चेयरमैन से बात करने का आश्वासन देकर मामले को शांत करने का प्रयास किया।
स्थानीय नेताओं ने जताया समर्थन
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता अब्बास प्रमुख ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर सभासदों को समर्थन दिया। इस दौरान तौसीफ चौधरी, फुरकान अली, साजिद अली, सालिम चौधरी, बलवान सिंह, हारुण कुरैशी और बासिद राणा सहित कई लोग मौजूद रहे।
सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और विस्तारित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
इस प्रकार, नपा चेयरमैन और सभासदों के बीच तनाव गहराता जा रहा है, जिससे नगरपालिका प्रशासन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।