एलम में पूर्व सैनिक के घर लाखों की चोरी: एक महीने बाद भी पुलिस फरार चोरों का नहीं लगा पाई कोई सुराग!
पुलिस चौकी पर ताला, चोरों के हौसले बुलंद: पूर्व सैनिक की चोरी का मामला ठंडे बस्ते में, पीड़ित की पुकार पर पुलिस का बहरापन बना हुआ है, इस बात से कांधला थाना क्षेत्र की एलम चौकी की लाचारगी पर उठे सवाल खड़े होते हैं!
शामली: जनपद शामली के कांधला थाना क्षेत्र के कस्बा एलम में एक पूर्व सैनिक के घर हुई लाखों रुपये की चोरी का मामला पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित महिपाल सिंह, जो सेना से रिटायर्ड हैं, के घर अज्ञात बदमाशों ने 3 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये के जेवरात चुराकर उन्हें मानसिक व आर्थिक संकट में डाल दिया है। हैरानी की बात यह है कि घटना को एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस चोरों का सुराग तक नहीं लगा पाई है।
महिपाल सिंह ने बताया कि चोरी की वारदात 15 सितंबर की रात हुई। चोरों ने घर के सभी कमरों के दरवाज़े बाहर से बंद कर दिए और सुरक्षित माने जाने वाले घर में सेंधमारी कर नकदी व गहने लूट लिए। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने तुरंत कांधला थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।
मामले की जाँच में ढिलाई का आलम यह है कि एलम स्थित स्थानीय पुलिस चौकी पर भी ताला लटका हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि चौकी के बंद रहने से अपराधियों का हौसला बढ़ रहा है और आमजन का पुलिस पर से भरोसा उठता जा रहा है।
महिपाल सिंह ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि मैंने देश की सेवा की, लेकिन आज अपराधियों के खिलाफ न्याय पाने में असहाय हूँ। पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की। क्या हमारी सुरक्षा सिर्फ काग़ज़ों तक सीमित है?
इस मामले में थाना प्रभारी कांधला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, जाँच अधिकारी के तबादले के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से चोरी, डकैती जैसे मामले बढ़ रहे हैं। एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि चौकी बंद होने से रात में इमरजेंसी में किससे मदद मांगें? प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
यह मामला पुलिस-प्रशासन की संवेदनहीनता और अपराध नियंत्रण में खामियों को उजागर करता है। पीड़ित पूर्व सैनिक को न्याय दिलाने और एलम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने के लिए उच्च स्तरीय जाँच की मांग तेज़ हो रही है।
जनसुरक्षा और विश्वास बहाली के लिए पुलिस को ठोस कदम उठाने होंगे, नहीं तो अपराधियों का सितम और बढ़ेगा।