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दहेज के नाम पर थार गाड़ी की मांग, नवविवाहिता को मारपीट कर घर से निकाला; पति ने दिया तीन तलाक

शादी के 4 दिन बाद ही ससुरालियों का रवैया बदला: जेवरात छीनकर नववधू को घर से बाहर फेंका

दहेज लोभियों का अत्याचार: विरोध करने पर नवविवाहिता को तीन तलाक देकर बेदखल किया, पिता ने थाने में दर्ज कराई शिकायत

शामली: कांधला थाना क्षेत्र के गांव इस्लामपुर घसौली में दहेज लोभियों की बर्बरता ने एक नवविवाहिता के साथ-साथ उसके परिवार को भी झकझोर दिया है। 7 अप्रैल 2025 को हुई शादी के मात्र चार दिन बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज में थार गाड़ी की मांग रखी और मना करने पर नववधू मिस्बा को मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़िता के पिता फिरोज ने थाने में तहरीर देकर पति अंसार, ससुर इरशाद और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

घटना का सिलसिला 

शादी और दहेज का दबाव: फिरोज ने बताया कि शादी के समय उसने अपनी आर्थिक सीमा से अधिक दहेज दिया, जिसमें नकदी, घरेलू सामान और जेवरात शामिल थे। लेकिन ससुराल वालों ने शादी के तुरंत बाद थार गाड़ी की मांग शुरू कर दी।

मारपीट और ज़बरदस्ती: जब मिस्बा ने इस मांग को ठुकराया, तो सास-ससुर, पति और अन्य रिश्तेदारों ने उसे जमकर पीटा। उसके सभी जेवरात ज़ब्त कर लिए गए और उसे मायके छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

तीन तलाक का झटका: जब पीड़िता के परिजनों ने विरोध किया, तो पति अंसार ने सार्वजनिक रूप से मिस्बा को तीन तलाक दे दिया। यह घटना महिला अधिकारों और दहेज विरोधी कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाली बताई जा रही है।

गांव के लोगों ने इस घटना को “नारी अस्मिता पर कलंक” बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह घटना दहेज विरोधी कानूनों के क्रियान्वयन में खामियों को उजागर करती है। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और समाज के सहयोग से ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

 

 

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