संभल मस्जिद के रंगाई-पुताई मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश, ASI की टीम करेगी जांच
इलाहाबाद। संभल में स्थित ऐतिहासिक संभल जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। मामले में कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की तीन सदस्यीय टीम को मस्जिद के मुतवल्ली (प्रबंधक) के साथ मिलकर जांच करने और रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने इस दौरान ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर ज़ोर देते हुए कहा कि बिना उचित मंजूरी के किसी भी निर्माण या परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
कोर्ट ने क्या कहा?
याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबा हाईकोर्ट ने कहा कि ASI की टीम मस्जिद परिसर का निरीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि रंगाई-पुताई या किसी अन्य कार्य से इमारत के मूल ढाँचे या ऐतिहासिक महत्व को नुकसान न पहुँचे। कोर्ट ने मुतवल्ली को निर्देश दिया कि वे ASI टीम को पूरा सहयोग दें और किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न करें।
पूरा मामला क्या है
यह याचिका स्थानीय निवासियों और इतिहासकारों की ओर से दाखिल की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि मस्जिद के प्रबंधन द्वारा बिना ASI की अनुमति के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे 16वीं शताब्दी की इस ऐतिहासिक इमारत की मूल संरचना ख़तरे में पड़ गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मस्जिद का संबंध मुग़लकालीन विरासत से है और ASI के दिशा-निर्देशों के बिना कोई भी परिवर्तन गैरक़ानूनी है।
ASI की भूमिका और अगली सुनवाई
कोर्ट ने ASI को निर्देश दिया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट आज ही पेश करे। इसके बाद कल शुक्रवार की सुबह 10:00 बजे हाईकोर्ट मामले की फिर सुनवाई करेगा। साथ ही, अगली सुनवाई तक मस्जिद परिसर में किसी भी तरह के निर्माण या रंगाई-पुताई पर रोक लगा दी गई है। ASI की टीम में पुरातत्वविद, संरक्षण विशेषज्ञ और वास्तुकला के जानकार शामिल होंगे।
प्रतिक्रियाएँ
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक क़दम है। वहीं, मस्जिद प्रबंधन की ओर से दावा किया गया है कि केवल रखरखाव का काम किया जा रहा था, जिसमें किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।