
भ्रष्टाचार और बिजली संकट पर फूटा किसानों का गुस्सा, भाकियू (तोमर) का बिजली घर पर हंगामा
ककरौली। क्षेत्र के ग्राम कमहेड़ा स्थित 33 केवी बिजली घर पर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के तहसील अध्यक्ष शानू पहलवान के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। कई घंटों तक चले धरने के दौरान किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और खराब व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए।

धरने का मुख्य मुद्दा जंगल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति कई दिनों से ठप होना रहा। किसानों ने बताया कि हाल ही में आए आंधी-तूफान में कई बिजली पोल टूट गए थे, जिसके बाद से खेतों की बिजली पूरी तरह बंद पड़ी है। एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सप्लाई चालू नहीं होने से किसानों की फसलें सूखने लगी हैं। किसानों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बाद भी विभाग समस्या के समाधान में लापरवाही बरत रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि नया बिजली कनेक्शन देने, तार जोड़ने और कनेक्शन काटने के नाम पर अवैध रूप से रुपये मांगे जाते हैं। साथ ही कुछ कर्मचारी किसानों और आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि केबिल में खाली कट दिखाकर वीडियो बनाई जाती है और लोगों को परेशान किया जाता है।
धरने और हंगामे की सूचना मिलने पर जेई अनिल कुमार और एसडीओ अंशुल वर्मा मौके पर पहुंचे। इस दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच घंटों वार्ता चली, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। नाराज किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जेई कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीओ अंशुल वर्मा को भी घंटों धूप में बैठाए रखा।
भाकियू (तोमर) द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम खेड़ी फिरोजाबाद, तेवड़ा और कमहेड़ा समेत कई गांवों में टूटे व झुके खंभों को हटाने, नई कॉलोनी में ट्रांसफार्मर रखवाने, ईदगाह के पास बने नए मकानों को बिजली कनेक्शन दिलाने तथा नीचे लटक रही 11000 लाइन को सही कराने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रकार का हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
एसडीओ अंशुल वर्मा ने किसानों को आश्वस्त करते हुए बताया कि जिन गांवों में बिजली पोल टूटे हुए हैं उनकी सूची शासन को भेज दी गई है। प्रशासन द्वारा सभी लेखपालों को सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। लेखपालों की रिपोर्ट मिलने के बाद बिजली विभाग को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर जल्द सामान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद टूटे हुए पोलों को बदलकर जंगल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुचारु कराई जाएगी।
बाद में एसडीओ द्वारा समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। एसडीओ ने कहा कि उन्हें यहां आए अभी कुछ ही दिन हुए हैं और पहले से लंबित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाएगा।
धरने में शानू पहलवान तहसील अध्यक्ष, अजहर तुर्की जिला उपाध्यक्ष, सोनू चौधरी युवा जिला अध्यक्ष, सिराजू जिला सचिव, शिवकुमार किसान नेता, धीमान जिला महासचिव, रिहान युवा ब्लॉक प्रभारी, मेहरबान जिला प्रभारी, इरशाद, नसीम, सिराजुद्दीन, सनोज, सलमान, शारुख, आजम, तसव्वर, अनस, अब्दुल समद, मुकर्रम सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।