
सड़क, गटर और पानी के मुद्दों पर सभासद से तीखे सवाल
* वार्ड 23 में विकास के दावों पर घिरे सभासद, समाज सेवी शकेब अख्तर ने पूछे तीखे सवाल
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। वार्ड नंबर 23 में विकास कार्यों को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों के बीच अब क्षेत्र में सवालों की बौछार शुरू हो गई है। समाज सेवी शकेब अख्तर ने वार्ड सभासद से सीधे सवाल पूछते हुए कहा है कि जनता अब केवल भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला विकास और उसका पूरा हिसाब चाहती है।
समाज सेवी शकेब अख्तर ने कहा कि वार्ड में जिन सड़कों, बोरिंग और अन्य कार्यों को लेकर प्रचार किया जा रहा है, आखिर उनकी वास्तविक स्थिति क्या है? उन्होंने कहा कि “कार्य पास हो चुका है” और “जल्द काम शुरू होने की उम्मीद” जैसे शब्दों से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता। यदि सड़क पास हो चुकी है तो उसका फाइल नंबर, स्वीकृति तिथि, बजट और कार्य शुरू होने की तारीख सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस सड़क को लेकर इतना प्रचार हो रहा है, वह आखिर कितने महीने पहले पास हुई थी? यदि कार्य स्वीकृत हो चुका था तो अब तक निर्माण शुरू क्यों नहीं हुआ? जनता को यह भी बताया जाए कि सड़क निर्माण कब तक पूरा होगा और उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी कौन लेगा।
गटर की सिविल लाइन की सफाई को लेकर भी समाज सेवी शकेब अख्तर ने वार्ड सभासद को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि गटर लंबे समय से चौक था तो आखिर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई? कितनी बार स्थानीय लोगों ने शिकायत की? क्या यह सच नहीं कि वार्ड की जनता लंबे समय से गंदे पानी और बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान रही है? उन्होंने कहा कि केवल एक बार सफाई करवाकर फोटो खिंचवाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता।
शकेब अख्तर ने यह भी कहा कि वार्ड में लगाए गए पानी के फ्रिज को विकास का बड़ा उदाहरण बताया जा रहा है, लेकिन जनता जानना चाहती है कि दूसरा फ्रिज आखिर कहां लगाया गया है और उसका लाभ कितने लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले कार्यों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
उन्होंने वार्ड सभासद से सवाल किया कि पिछले एक से दो वर्षों में वार्ड 23 में कुल कितना बजट आया और कितना खर्च हुआ? कितनी सड़कें बनीं? कितनी नई नालियां और ड्रेनेज लाइन डाली गईं? पानी, बिजली और सफाई से जुड़ी शिकायतों में कितना सुधार हुआ? क्या कोई आधिकारिक रिपोर्ट या सर्वे है जो विकास की पुष्टि करता हो?
समाज सेवी शकेब अख्तर ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर व्यक्तिगत बयानबाजी और विरोधियों को “गलत तत्व” या “किराएदार” कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनता मुद्दों पर जवाब चाहती है, व्यक्तिगत हमले नहीं। यदि किसी पर आरोप लगाए जा रहे हैं तो उसके प्रमाण भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि वार्ड 23 की जनता अब जागरूक हो चुकी है और केवल दावों से संतुष्ट नहीं होगी। जनता चाहती है कि विकास कार्यों की फोटो, बिल, स्वीकृति पत्र, कार्य पूर्णता रिपोर्ट और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
समाज सेवी शकेब अख्तर ने कहा कि वार्ड की जनता अब नारेबाजी नहीं, बल्कि साफ सड़कें, बेहतर सफाई व्यवस्था, पीने का पानी, मजबूत नालियां और वास्तविक विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का जवाब देना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और पारदर्शिता ही जनता का विश्वास जीत सकती है।