
भाईचारे और अमन के साथ मनाएं ईद: मौलाना आकिल
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला।ईद उल फितर के मुबारक मौके को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और तैयारियों का माहौल है। बाजारों में रौनक बढ़ चुकी है और लोग इस पवित्र पर्व को लेकर खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। इसी बीच कांधला क्षेत्र के सम्मानित धर्मगुरु मौलाना आकिल ने सभी क्षेत्रवासियों, खासकर मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा है कि ईद का त्योहार मिलजुल कर, प्रेम और भाईचारे के साथ मनाया जाए।
मौलाना आकिल ने कहा कि ईद उल फितर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह इंसानियत, आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक है। रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के बाद यह त्योहार हमें सब्र, शुक्र और दूसरों की मदद करने का संदेश देता है। ऐसे में जरूरी है कि हम इस दिन को पूरे समाज के साथ मिलकर मनाएं और एक-दूसरे की खुशियों में शामिल हों।
उन्होंने कहा कि ईद के दिन लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं, जिससे दिलों की दूरियां खत्म होती हैं और आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे पुराने मतभेदों को भुलाकर एक नई शुरुआत करें और समाज में भाईचारे को बढ़ावा दें।
नमाज़ को लेकर मौलाना आकिल ने विशेष रूप से लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि ईद उल फितर की नमाज़ केवल ईदगाह और मस्जिदों में ही अदा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों, चौराहों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ अदा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आमजन को असुविधा होती है और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम हमें दूसरों की सहूलियत का ख्याल रखने की सीख देता है, इसलिए हमें ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जिससे किसी को परेशानी हो। त्योहार की असली खुशी तभी है, जब उसमें सभी लोग बिना किसी दिक्कत के शामिल हो सकें।
मौलाना आकिल ने प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का सहयोग करना हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि सभी लोग नियमों का पालन करेंगे, तो ईद का त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा।उन्होंने सभी से खास अपील करते हुए कहा कि वे अनुशासन बनाए रखें और सोशल मीडिया पर भी जिम्मेदारी से व्यवहार करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें और केवल सही जानकारी पर ही भरोसा करें।अंत में मौलाना आकिल ने सभी क्षेत्रवासियों को ईद की अग्रिम मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस मुबारक मौके पर जरूरतमंदों की मदद करें, गरीबों का ख्याल रखें और अपने आसपास के लोगों के साथ खुशियां बांटें। उन्होंने कहा कि ईद का असली संदेश यही है कि हम सब मिलजुल कर रहें, एक-दूसरे का सम्मान करें और समाज में अमन, भाईचारे और इंसानियत को मजबूत बनाएं।