कांधला के गांव नाला से उठी इंसानियत की गूंज

पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए किसानों और युवाओं का अनोखा राहत अभियान

सादिक सिद्दीक़ी

कांधला (शामली)।आपदा के समय समाज की असली पहचान उसके सहयोग और भाईचारे से होती है। इसी मिसाल को जनपद शामली के कांधला क्षेत्र का गांव नाला पूरे देश के सामने पेश कर रहा है। पंजाब में आई भीषण बाढ़ से तबाह परिवारों की मदद के लिए गांव नाला के लोग भारतीय किसान यूनियन (BKU) पदाधिकारियों और युवाओं के नेतृत्व में राहत अभियान चला रहे हैं। गांव के दर्जनों लोग मिलकर बाढ़ पीड़ितों के लिए अनाज, कपड़े, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री एकत्रित कर रहे हैं। इस अभियान में ब्रह्मपाल नाल, महिपाल प्रधान, बबलू, नितिन, रविंद्र सिंह, कालूराम, गजेंद्र, संजीव, रानुपमार, युवा तहसील अध्यक्ष राजीव कुमार, आर्य पवार सहित बड़ी संख्या में युवा साथी शामिल हुए। गांव की गलियों में जगह-जगह लोगों ने अपने घरों से सामग्री निकालकर योगदान दिया।अभियान में शामिल पदाधिकारियों और युवाओं का कहना है कि जब किसी राज्य या इलाके पर संकट आता है, तो पूरा देश उसका परिवार बन जाता है। उन्होंने कहा कि यह राहत सामग्री पंजाब के उन इलाकों में भेजी जाएगी, जहां बाढ़ ने सैकड़ों घर तबाह कर दिए हैं और लोग भोजन, कपड़े और दवाइयों के लिए जूझ रहे हैं।

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गांव नाला से फैल रहा अभियान

गांव नाला में शुरू हुआ यह राहत अभियान अब आसपास के गांवों में भी प्रेरणा बन गया है। कई सामाजिक संगठन और ग्रामीण इस मुहिम से जुड़कर मदद पहुंचाने का संकल्प ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह केवल राहत सामग्री का संग्रह नहीं, बल्कि इंसानियत का जिंदा उदाहरण है। गौरतलब है कि पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश और नदियों के उफान से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं। सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और लोगों का जीवन संकट में है। ऐसे में कांधला क्षेत्र के लोगों की यह पहल बाढ़ पीड़ितों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। गांव नाला के लोगों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ेगा, और अधिक राहत सामग्री इकट्ठा होगी और पंजाब तक पहुंचाई जाएगी। गांव की महिलाएं भी इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। कोई राशन दे रहा है, कोई कपड़े, तो कोई आर्थिक सहयोग कर रहा है।

इस अभियान ने यह साबित कर दिया है कि जब-जब देश संकट में आता है, आम लोग ही सबसे बड़ा सहारा बनते हैं। गांव नाला ने यह उदाहरण पेश कर पूरे क्षेत्र को गर्व महसूस कराया है।

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