जे वी जैन कॉलेज में एल्यूमिनी मीट का आयोजन, शिक्षा की भूमिका और जीवन मूल्यों पर हुई प्रेरक चर्चा
डॉ. गिरीश पचौरी समेत गणमान्य अतिथियों ने छात्राओं को दिए ‘जीवन में आगे बढ़ते रहने’ के संदेश
सरस्वती वंदना और स्वागत गायन के साथ शुरू हुआ शिक्षा विभाग का एल्यूमिनी समागम
सहारनपुर स्थित जे वी जैन कॉलेज के शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा गुरुवार को एक भव्य एल्यूमिनी मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व छात्राओं और शिक्षाविदों के बीच शिक्षा की भूमिका, एल्यूमिनी मीट के महत्व और जीवन मूल्यों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. गिरीश पचौरी, डॉ. डी.के. शर्मा, डॉ. आर.के. शर्मा और डॉ. साधना शर्मा ने शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद स्वागत गायन के माध्यम से अतिथियों का सम्मान किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. पूनम शर्मा ने सभी पूर्व छात्राओं और गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मिलन सिर्फ संस्मरणों को ताजा करने का नहीं, बल्कि शिक्षा के नए आयामों पर सोचने का अवसर है।
पूर्व छात्राओं ने साझा किए अनुभव:
कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व छात्राओं ने अपने कॉलेज के दिनों की यादें साझा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है। साथ ही, एल्यूमिनी मीट को पुराने संबंधों को मजबूत करने और नए विचारों के आदान-प्रदान का मंच बताया गया।
‘जीवन चलते रहने का नाम है’:
डॉ. गिरीश पचौरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जीवन में कभी ठहराव न आने दें। सदैव आगे बढ़ते रहना और समय का सदुपयोग करना ही सफलता की कुंजी है। इसी क्रम में डॉ. आर.के. शर्मा ने शिक्षकों की भूमिका को “समाज का निर्माता” बताते हुए उनके समर्पण की सराहना की।
वेलकम स्पीच और धन्यवाद:
प्रो. धर्मेंद्र कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कॉलेज के विकास यात्रा और शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अंत में, प्रो. पूनम शर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और पूर्व छात्राओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन शैक्षणिक परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण हैं।
मौजूद शिक्षकगण:
कार्यक्रम में प्रो. शुभ्रा चतुर्वेदी, प्रो. नीताकौशिक, सपना पुंडीर, वंदना रानी, पूजा देवी और गौरव कुमार सहित शिक्षा विभाग के समस्त सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर कॉलेज परिसर में पूर्व और वर्तमान छात्राओं के बीच आत्मीय बातचीत का दौर भी चला।
यह आयोजन न केवल संस्मरणों को ताजा करने, बल्कि शिक्षा के भविष्य पर नई दिशाएं तलाशने का मंच साबित हुआ।