कैराना में महिला सफाईकर्मी पर हमला: जातिसूचक गालियों और मारपीट का आरोप, मांगी सख्त कार्रवाई
सफाई कार्य के दौरान विवाद: छह लोगों ने नगरपालिका कर्मचारी का किया अपमान, मंगलसूत्र भी हुआ गायब
कैराना में जातिगत उत्पीड़न का मामला: पीड़िता ने पुलिस से की आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गुहार
कैराना (शामली)। नगरपालिका परिषद कैराना में तैनात एक महिला सफाईकर्मी के साथ सफाई कार्य के दौरान हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। मोहल्ला दरबारखुर्द निवासी संतोष देवी ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि शनिवार सुबह मोहल्ला छड़ियान स्थित मदीना मस्जिद के पास सफाई करने के दौरान छह लोगों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और मारपीट की। इस घटना में उनका मंगलसूत्र भी टूट गया, जिसे बाद में खोजने का प्रयास विफल रहा।
घटना का क्रम:
संतोष देवी के अनुसार, वह शनिवार प्रातः वार्ड-10 के अपने निर्धारित क्षेत्र में सफाई कर रही थीं। इसी दौरान मोहल्ले के ही रहने वाले एक पति-पत्नी समेत छह लोगों ने उन्हें गाली-गलौच देना शुरू कर दिया। जब संतोष ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हाथ उठा दिया। मारपीट की वजह से उनका मंगलसूत्र टूटकर गिर गया, जो अब तक नहीं मिल सका है। पीड़िता ने शिकायत में जोर देकर कहा कि आरोपियों ने जानबूझकर उनकी जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
पुलिस से कार्यवाही की मांग:
संतोष देवी ने कोतवाली पुलिस में लिखित शिकायत दाखिल कर आरोपियों के खिलाफ धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत की प्राथमिक जांच की जा रही है। मामले में आरोपियों की पहचान और घटना के सभी पहलुओं को देखते हुए जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया:
इस घटना ने कस्बे में चर्चा का विषय बना दिया है। नगरपालिका कर्मचारियों के संगठनों ने संतोष देवी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए प्रशासन से त्वरित न्याय की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी जातिगत उत्पीड़न और महिलाओं के प्रति हिंसा को गंभीर मुद्दा बताते हुए कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया है।
पुलिस ने संतोष देवी के बयान दर्ज कर लिए हैं और मौके पर मौजूद गवाहों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं लगाने पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन ने पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
टिप्पणी: यह घटना समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया की दिशा तय करेगी।