BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर का सरकार से मोहभंग: यूपी सरकार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
“चीफ सेक्रेटरी दुनिया का सबसे भ्रष्ट, यूपी में बेटियां लुट रहीं… फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं….. कैसा रामराज्य?”
गाजियाबाद: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गाजियाबाद के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने शनिवार को फटे कपड़ों में ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को “अत्याचारी” बताते हुए दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश रची गई, साथ ही मुख्य सचिव समेत अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। नंदकिशोर गुर्जर ने सरकार को खबरदार करते हुए कहा कि मेरे पास ऐसी ऐसी फ़ाइलें हैं कि अगर मैने उनको उजागर कर दिया तो यह सरकार दुनिया की सबसे भ्रष्टाचार सरकार साबित होगी।
नंदकिशोर ने लगाए गम्भीर मुख्य आरोप:
कलश यात्रा विवाद: गुर्जर ने बताया कि रामकथा के लिए अनुमति मिलने के बावजूद पुलिस ने उनकी कलश यात्रा रोकने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं से बदतमीजी की और उनके कलश गिरा दिए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
जानलेवा साजिश: विधायक ने दावा किया कि यूपी पुलिस मेरी हत्या करना चाहती थी। मामला संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने मेरी सुरक्षा बढ़ाई है।
मुख्य सचिव पर भ्रष्टाचार: गुर्जर ने चीफ सेक्रेटरी दुर्गा शंकर मिश्रा को “दुनिया का सबसे भ्रष्ट अधिकारी” करार देते हुए कहा कि उन्होंने “तंत्र क्रिया” से महाराज जी (संभवतः सीएम योगी) की बुद्धि प्रभावित की है।
रामराज्य पर सवाल: उन्होंने कहा कि यूपी में बहन-बेटियां लुट रही हैं। फिर यह कैसा रामराज्य है? फर्जी एनकाउंटर में लोग मारे जा रहे हैं।
शराब विवाद: गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर पर आरोप लगाया कि वे “शाम 5 बजते ही शराब पीने लगते हैं।”
पृष्ठभूमि:
नंदकिशोर गुर्जर पिछले कुछ समय से यूपी सरकार के खिलाफ मुखर होते रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी BJP विधायक ने अपनी ही सरकार पर इस तरह के आरोप लगाए हों। विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और प्रशासनिक अक्षमता की ओर इशारा करता है।
राजनीतिक संदर्भ: यूपी सरकार ‘रामराज्य’ के दावों के बीच विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाता रहा है। गुर्जर के बयानों से सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है।
पुलिस-जनता तनाव: हाल के महीनों में गाजियाबाद में कई बार प्रशासन और स्थानीय नेताओं के बीच टकराव की खबरें आई हैं।
प्रतिक्रिया: अब तक सरकार या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, गुर्जर के इन आरोपों पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
इस घटना से उठे गम्भीर सवाल
इस घटना से सत्तारूढ़ दल में आंतरिक मतभेद सार्वजनिक होने के साथ-साथ यूपी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। गुर्जर के आरोपों की जांच और सरकार की प्रतिक्रिया अब राजनीतिक एजेंडे को नई दिशा दे सकती है।