
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे डॉक्टर की वापसी पर उठे सवाल, डिप्टी सीएम से शिकायत
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांधला में तैनात चिकित्सक को लेकर पूर्व में सामने आए भ्रष्टाचार एवं मरीजों से कथित अवैध वसूली के आरोपों का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कस्बे के मौहल्ला खैल निवासी संजीव कुमार ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बृजेश पाठक को शिकायती पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र में संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पूर्व जुलाई माह में डॉ. रामबीर सिंह को भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों के चलते चिकित्सा अधीक्षक के पद से हटाकर पीएचसी जसाला का प्रभारी बनाया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद वर्तमान में संबंधित चिकित्सक को दोबारा कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने तथा अधिकारियों द्वारा उनके प्रति नरमी बरते जाने को लेकर क्षेत्र में सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि गत वर्ष जुलाई में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामली डॉ. अनिल कुमार द्वारा डॉ. रामबीर सिंह का कांधला से जसाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी के पद पर स्थानांतरण किया गया था। आदेश में नवीन तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि स्थानांतरण आदेश के बावजूद उन्होंने निर्धारित समय पर अपना कार्यभार नहीं छोड़ा। बाद में उन्हें पद से हटाया गया। शिकायतकर्ता ने इसे विभागीय आदेशों के पालन से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले का सहारनपुर मंडल के आयुक्त ने संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामली से रिपोर्ट तलब की थी।
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राजनीतिक संरक्षण का भी लगाया आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद संबंधित चिकित्सक को दोबारा कांधला में चिकित्सा प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी मिल गई। पत्र में कुछ समाजवादी पार्टी से जुड़े राजनीतिक प्रभावशाली लोगों से कथित सांठगांठ के चलते विभागीय स्तर पर संरक्षण मिलने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।