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कैराना। ग्रामीण औद्योगिक क्षेत्र कण्डेला में संचालित फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण को लेकर ग्रामीण फिर से मुखर हो गए हैं। रविवार को गांव हिंगोखेड़ी में स्थित मंडी स्थल पर आयोजित पंचायत में कण्डेला, हिंगोखेड़ी, शेखूपुरा, जगनपुर, मन्नामाज़रा व ऐरटी के ग्रामीणों ने औद्योगिक इकाइयों से हो रहे भू-जल एवं वायु प्रदूषण पर गहन चर्चा की और मामले को जिलाधिकारी शामली तक ले जाने का निर्णय लिया।

पंचायत में ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की वायु व पेयजल गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की। साथ ही, प्रतिनिधि मंडल की विगत 04 सितंबर को औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी इकाइयों में से एक निकिता पेपर मिल के संचालक से हुई वार्ता के बारे में भी अवगत कराया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं व रासायनिक कचरे से वायु व भूजल दूषित हो रहा है, जिससे लोगों में बीमारी फैल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह समस्या के समाधान तक पीछे नहीं हटेंगे और यदि प्रशासन उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करता है तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

विदित रहे कि प्रदूषण के मुद्दे पर विगत 30 अगस्त को भी गांव कण्डेला के प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों की पंचायत हुई थी, जिसमें फैक्ट्री संचालकों से आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया गया था। एक सप्ताह में दूसरी बार हुई इस पंचायत से साफ है कि ग्रामीण अपने मुद्दे पर गंभीर और दृढ़ हैं।

इस अवसर पर चौधरी कनक सिंह, जसवीर चौहान, सागर चौहान, चिंतन चौहान, शिवम चौहान, अनुज चौहान, राहुल चौहान, करणसिंह चौहान उर्फ सोनू, राजदीप चौहान, अमरीश कोरी, अंकित चौहान, मोहित चौहान, बादल चौहान आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

 

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