सदस्यता अभियान से संगठन विस्तार तक, अल्पसंख्यक मंच ने खोला चुनावी पिटारा

 

2027 के चुनावी रण से पहले अल्पसंख्यक राजनीतिक चेतना मंच की हुंकार, बूथ से वार्ड तक संगठन मजबूत करने की तैयारी

 

कांधला/आगामी विधानसभा चुनाव 2027 और प्रस्तावित निकाय चुनाव 2028 को लेकर भारतीय अल्पसंख्यक राजनीतिक चेतना मंच ने अभी से संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष इरफान तुर्की के मोहल्ला शेखजादगान स्थित कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में संगठन की आगामी रणनीति को लेकर पदाधिकारियों ने जमकर मंथन किया।बैठक में साफ तौर पर जमीनी पकड़ मजबूत करने और बूथ-वार्ड स्तर तक संगठन का विस्तार करने पर जोर दिया गया। अक्टूबर माह में गांधी जयंती के अवसर पर व्यापक सदस्यता अभियान चलाने की भी रणनीति तैयार की गई।राष्ट्रीय संयोजक शकैब जावेद अख्तर ने कहा कि कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठनात्मक ढांचे के बिना किसी भी राजनीतिक और सामाजिक लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है। मंच का उद्देश्य सिर्फ चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में राजनीतिक चेतना और अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है।राष्ट्रीय अध्यक्ष इरफान तुर्की ने कहा कि संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।बैठक में शाहिद राना सादिक, अकबर, मेहताब जंग, अजमल बेग, शफीक कस्सार, रिजवान खान, जहूर खान, जावेद खान, इंतजार सुल्तान, शहजाद, जाहिद, दमन यूनुस, दीपक, मांगेराम, मांगा सिद्दीकी, नवाब सिद्दीकी, शादाब एवं एडवोकेट अनीस सिद्दीकी समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

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