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SP नेता चौधरी इरशाद की बेटी शमा परवीन ने पहली बार में ही यूजीसी-नेट में मारी बाज़ी, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए हुईं पात्र।

शामली: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी (Khwaja Moinuddin Chishti Language University), लखनऊ के उर्दू विभाग की पूर्व छात्रा शमा परवीन ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा यूजीसी-नेट (UGC-NET) में पहली ही कोशिश में शानदार अंकों के साथ सफलता हासिल कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा और कड़ी मेहनत का लोहा मनवाया है।

शमा परवीन की इस उल्लेखनीय सफलता के बाद वह देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए पात्र हो गई हैं। उनकी इस सफलता पर उर्दू विभाग के शिक्षकों, विद्यार्थियों, विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों, परिवारजनों, रिश्तेदारों और मित्रों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

पहली कोशिश में सफलता: मेहनत और लगन का परिणाम।

पहली ही कोशिश में इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को शानदार अंकों के साथ उत्तीर्ण करना शमा परवीन की शैक्षणिक योग्यता, निरंतर मेहनत और शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता का स्पष्ट परिचायक है। उनकी यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवारजनों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, शिक्षकों और पूरे उर्दू विभाग के लिए खुशी और गर्व का विषय बनी हुई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: SP नेता की बेटी।

बता दें कि शमा परवीन समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ, जुझारू और चर्चित नेता कैराना निवासी चौधरी इरशाद अध्यक्ष की होनहार बेटी हैं। उनके पिता की राजनीतिक सक्रियता के बीच भी शमा ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

विश्वविद्यालय और विभागीय स्तर पर बधाइयाँ

शमा परवीन की इस उल्लेखनीय सफलता पर ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सौबान सईद और विभाग के एक अन्य शिक्षक डॉ. मुहम्मद अकमल शादाब ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

उन्होंने शमा परवीन के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत और शिक्षा के प्रति लगन का सीधा परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शमा परवीन भविष्य में भी शैक्षणिक एवं बौद्धिक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का भरपूर प्रदर्शन करेंगी और इसी मेहनत एवं लगन के साथ आगे भी अनेक सफलताएँ हासिल करेंगी।

विभागीय शिक्षकों ने कहा कि युवा विद्यार्थियों की ऐसी सफलताएँ अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक और अनुकरणीय होती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह भविष्य में भी शैक्षणिक एवं शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेंगी।

शैक्षणिक सफर: एक महत्वपूर्ण उपलब्धि!

शमा परवीन के शैक्षणिक जीवन पर नजर डालें तो यह सफलता उनके निरंतर शैक्षणिक सफर की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले भी वह अपनी मेहनत, प्रतिभा और शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न अवसरों पर पदक एवं प्रशस्ति-पत्र प्राप्त कर चुकी हैं। इन सम्मानों से शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और ज्ञान प्राप्ति के प्रति उनकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

यूजीसी-नेट में पहली ही कोशिश में सफलता ने उनके शैक्षणिक सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

परिवार और समाज की ओर से बधाइयाँ

शमा परवीन की सफलता पर उनके परिवारजनों, रिश्तेदारों, मित्रों तथा उर्दू विभाग से जुड़े शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ओर से भी खुशी व्यक्त की जा रही है। बधाई देने वालों ने उनकी इस सफलता को उनकी निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम बताते हुए भविष्य में भी और अधिक सफलताओं के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।

UGC-NET परीक्षा: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन द्वारा आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए पात्रता निर्धारित करता है।

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी: लखनऊ स्थित यह भाषा विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित है और UGC द्वारा मान्यता प्राप्त है। यहाँ उर्दू, फ़ारसी, अरबी सहित विभिन्न भाषाओं का अध्ययन-अध्यापन होता है।

हालिया परिणाम: लखनऊ विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के सैकड़ों छात्रों ने हाल ही में जून 2026 साइकिल में UGC-NET/ JRF परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिसमें उर्दू विभाग के छात्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।

 

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