
बारिश बनी आफत मच्छरो का बड़ा आतंक नगरपालिका मे सुरु की फॉकिंग
* जलभराव से बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खतरा, नगर पालिका ने शुरू किया अभियान; लोगों ने कहा सिर्फ धुआं नहीं, स्थायी समाधान भी चाहिए।
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं दूसरी ओर कस्बे में जलभराव और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गलियों, मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर जमा पानी अब बीमारी फैलाने वाले मच्छरों का सुरक्षित ठिकाना बनता दिखाई दे रहा है। हालात बिगड़ते देख नगर पालिका परिषद कांधला आखिरकार हरकत में आई और बुधवार को पूरे कस्बे में व्यापक फॉगिंग अभियान चलाकर मच्छरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
नगर पालिका अध्यक्ष नजमुल इस्लाम के निर्देश पर कर्मचारियों की टीम फॉगिंग मशीनों के साथ सुबह से ही कस्बे की सड़कों और गलियों में उतर गई। मोहल्ला खैल, रेलवे मार्ग, चारखंबा मार्ग, मुख्य बाजार सहित जलभराव वाले इलाकों में धुएं का छिड़काव कर मच्छरों के प्रकोप को कम करने का प्रयास किया गया। फॉगिंग मशीनों से उठता धुआं पूरे इलाके में फैल गया और लोग अपने घरों से बाहर निकलकर अभियान को देखते नजर आए।
बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों की आशंका को देखते हुए नगर पालिका ने इस अभियान को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां पानी जमा है, वहां नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाएगी ताकि मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
हालांकि, कस्बे के कई लोगों का कहना है कि यदि बरसात शुरू होने से पहले नालों की सफाई, जल निकासी और नालियों की नियमित व्यवस्था पर गंभीरता से काम किया जाता तो आज फॉगिंग की नौबत इतनी जल्दी नहीं आती। लोगों का मानना है कि हर साल बारिश के बाद फॉगिंग तो होती है, लेकिन जलभराव की मूल समस्या जस की तस बनी रहती है।
नगर पालिका अध्यक्ष नजमुल इस्लाम ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकियों और गमलों की नियमित सफाई करें तथा स्वच्छता बनाए रखें। प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
बारिश के बाद शुरू हुआ यह फॉगिंग अभियान फिलहाल लोगों को राहत की उम्मीद जरूर दे रहा है, लेकिन कस्बेवासियों का कहना है कि सिर्फ धुएं से नहीं, बल्कि जलभराव और गंदगी की जड़ पर प्रहार होगा, तभी मच्छरों के आतंक से स्थायी राहत मिल सकेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर पालिका का यह अभियान नियमित रूप से चलता है या फिर कुछ दिनों बाद अन्य अभियानों की तरह फाइलों तक सीमित होकर रह जाता है।