
किसानों को मिलेगा आधुनिक खेती का लाभ? डॉ. विक्रांत जावला
* दिल्ली में गरजी शामली की आवाज़! आरएलडी नेता डॉ. विक्रांत जावला ने ICAR महानिदेशक के सामने रखीं किसानों की बड़ी मांगें, गन्ना, बीमा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर हुई अहम चर्चा
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाते हुए राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के नेता एवं टीम आरएलडी, जिला शामली के जिला संयोजक डॉ. विक्रांत जावला ने नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट से मुलाकात कर किसानों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने किसानों की विभिन्न समस्याओं और कृषि विकास से संबंधित मांगों का विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।
नई दिल्ली स्थित कृषि मंत्रालय परिसर में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में डॉ. विक्रांत जावला ने शामली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के सामने आने वाली समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार व्यवस्था, प्रभावी फसल बीमा और वैज्ञानिक मार्गदर्शन समय पर उपलब्ध कराया जाए तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
बैठक में पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देशराज भनेड़ा तथा एडीग्रो क्रॉप साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजय कुमार जावला भी मौजूद रहे। सभी ने क्षेत्र के किसानों की समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की भूमिका केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्हें नियमित रूप से गांवों और खेतों में जाकर किसानों के बीच काम करना चाहिए, ताकि नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि बदलती जलवायु को ध्यान में रखते हुए गन्ने की नई और उन्नत किस्मों पर लगातार अनुसंधान किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने किसानों को गन्ने के साथ सहफसली खेती अपनाने की सलाह दी, जिससे खेती अधिक लाभकारी बन सके और किसानों की आय में बढ़ोतरी हो।
डॉ. विक्रांत जावला ने शामली जनपद में उद्यान विभाग के सहयोग से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक बागवानी, नई तकनीकों और प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा तथा कृषि को नई दिशा मिलेगी।
सौंपे गए ज्ञापन में कृषि विज्ञान केंद्रों में किसान हेल्प सेंटर स्थापित करने, आरक्षित क्षेत्र के किसानों को समय पर गन्ना पर्ची उपलब्ध कराने, प्राकृतिक आपदा आने पर स्वतः फसल सर्वे कराकर राहत राशि दिलाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अधिक व्यवहारिक और किसान हितैषी बनाने, मटर सहित अन्य नकदी फसलों को भी बीमा योजना में शामिल करने, आधुनिक धान मंडी एवं प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने तथा कृषि विज्ञान केंद्रों में पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं।
महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने डॉ. विक्रांत जावला द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना तथा नियमानुसार सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक संस्थान, सरकार और किसान संगठनों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
इस मुलाकात को शामली और आसपास के किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर अमल होता है तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।