
पिता के बाद अब बेटे का साया भी उठा, 15 वर्षीय इखलास की मौत से परिवार बेसहारा
* पिता पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे, अब परिवार का सहारा भी छिन गया; चार बहनें और दिव्याग भाई का भविष्य चिंता में
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। कस्बे के मोहल्ला खेल में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। जामुन तोड़ने के दौरान पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए 15 वर्षीय किशोर इखलास पुत्र स्वर्गीय औरंगजेब की उपचार के दौरान मौत हो गई। शनिवार को गमगीन माहौल में उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। किशोर की असमय मौत से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहल्ला खेल निवासी इखलास पड़ोस के एक व्यक्ति के साथ जामुन तोड़ने गया था। इसी दौरान पेड़ पर चढ़ते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में परिजन उसे शामली के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए करनाल रेफर कर दिया।
करनाल के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इखलास को बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान उसने अंतिम सांस ली। जैसे ही मौत की सूचना घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि मोहल्ले में मातम छा गया।
इखलास की कहानी बेहद मार्मिक है। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था, जिसके बाद कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी। वह मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करने में जुटा था। परिवार में चार बहनें अभी अविवाहित हैं, एक बहन का विवाह हो चुका है, जबकि उसका छोटा भाई दिव्यांग है। ऐसे में परिवार के इकलौते सहारे के चले जाने से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और भविष्य को लेकर गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
शनिवार को परिजनों, रिश्तेदारों और मोहल्लेवासियों की मौजूदगी में नम आंखों से इखलास को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम विदाई के दौरान हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही दुआ थी कि अल्लाह मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए तथा शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की हिम्मत दे।