तेज आंधी और तूफान से , किसानों और ग्रामीणों को बड़ा नुकसान

 

ककरौली। थाना ककरौली क्षेत्र में देर रात आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचा दी। कई गांवों में मकानों की छतें उड़ गईं, झोपड़ियां गिर गईं तथा बागों में लगे आम, पॉपुलर और अन्य पेड़ टूटकर धराशायी हो गए। वहीं हल्की ओलावृष्टि होने से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

 

आंधी-तूफान का असर ग्राम खाईखेड़ा, कमेहेडा, ढासरी, ककरौली, बेहड़ा सादात, टढ़ेडा, खेड़ी फिरोजाबाद, जटवाड़ा और तेवड़ा सहित आसपास के कई गांवों में देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए, जिससे रातभर यातायात प्रभावित रहा और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर पेड़ बिजली लाइनों और खंभों पर गिर गए, जिसके चलते कई गांवों की बिजली पूरी रात बाधित रही और ग्रामीण अंधेरे में रात बिताने को मजबूर हुए।

 

ग्राम खाईखेड़ा निवासी इमरान ने बताया कि रात में आए तेज तूफान के दौरान उनके मकान के ऊपर पाइपों के सहारे डाली गई लोहे और सीमेंट की चादरों वाली छत तेज हवा का दबाव नहीं झेल सकी और उड़कर दूर खेतों तथा पड़ोसियों के मकानों में जा गिरी। उन्होंने बताया कि अचानक छत उड़ने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई और सभी लोग तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर भागे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

 

इमरान ने बताया कि बारिश के कारण घर का सामान भी भीगकर खराब हो गया। बच्चों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।

 

वहीं क्षेत्र के कई बागों में आम और पॉपुलर, लिपटिस आदि पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे किसानों और बाग मालिकों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज आंधी, बारिश और हल्के ओलों ने खेतों में रखी कृषि सामग्री और चारे को भी प्रभावित किया है।

 

सूचना मिलने के बाद प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें गिरे पेड़ों और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को हटाने में जुट गईं। देर रात तक मार्गों को सुचारू कराने का कार्य चलता रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित परिवारों और किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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