
एक झटके में उजड़ी मेहनत, बाग मालिकों की बढ़ी परेशानी
* राहत बनकर आई बारिश, लेकिन तूफान ने छीन ली किसानों की खुशियां अब सरकार से उम्मीद!
सादिक सिद्दीकी
कांधला। देर रात अचानक बदले मौसम ने जहां एक ओर भीषण गर्मी से झुलस रहे लोगों को राहत दी, वहीं दूसरी ओर यह राहत किसानों और बाग मालिकों के लिए भारी आफत बनकर आई। तेज आंधी और बारिश ने पूरे क्षेत्र में ऐसा कहर बरपाया कि आम के बागों में तबाही का मंजर देखने को मिला।
रात के सन्नाटे में शुरू हुई तेज हवाएं देखते ही देखते तूफान में बदल गईं। हवा के तेज झोंकों ने पेड़ों को झकझोर कर रख दिया। बड़ी संख्या में कच्चे आम पेड़ों से टूटकर जमीन पर गिर पड़े, जिससे बागों में चारों ओर गिरे आमों का अंबार लग गया। कई जगहों पर पेड़ों की मोटी डालियां टूट गईं, जबकि कुछ पुराने और कमजोर पेड़ जड़ से हिल गए। सुबह जब बाग मालिक अपने खेतों पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए।
मोहल्ला शेख जादगान निवासी बाग मालिक के पुत्र गुलबहार ने बताया कि देर रात अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी-तूफान काफी देर तक चलता रहा, जिससे आम की फसल को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस बार फसल पूरी तरह तैयार होने के करीब थी और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
वहीं, बाग मालिक मोहम्मद शौकीन ने दर्द बयां करते हुए कहा कि इस नुकसान से उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई है। उन्होंने बताया कि आम की खेती में काफी समय, मेहनत और खर्च लगता है, लेकिन एक ही रात की आंधी ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। अब उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आंधी-तूफान ने क्षेत्र के कई बागों को प्रभावित किया है और नुकसान का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ देखी जा रही है।
पीड़ित बाग मालिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत नुकसान का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में मदद मिल सके।