
जिम्मेदारों की नींद टूटी, जब मैदान में उतरे शकेब अख्तर!
महीनों से मुसीबत बना टूटा चेंबर, हर पल हादसे का डर शकेब अख्तर ने की पहल से हो गया सही
कांधला।
कस्बे के मोहल्ला मौलानान, वार्ड 23 में मुख्य सड़क पर स्थित नाली का चेंबर महीनों से टूटा पड़ा था, जो स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ था। यह सड़क कई अहम गलियों और रास्तों को जोड़ती है, जिससे दिनभर राहगीरों, दुकानदारों, स्कूली बच्चों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
टूटे हुए चेंबर के कारण आए दिन लोग गिरते-गिरते बचते थे। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती थी, जब अंधेरे में यह गड्ढा किसी बड़े हादसे को दावत देता नजर आता था। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
शिकायतों का अंबार, फिर भी जिम्मेदार रहे बेखबर
स्थानीय लोगों ने इस समस्या को कई बार उठाया। वार्ड स्तर से लेकर नगरपालिका तक शिकायतें पहुंचाई गईं, लेकिन हालात जस के तस बने रहे।
जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो लोगों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। टूटे चेंबर के वीडियो और तस्वीरें लगातार वायरल की गईं। लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाए कि आखिर कब इस समस्या का समाधान होगा।
हैरानी की बात यह रही कि इतना सब कुछ होने के बावजूद वार्ड सभासद की ओर से कोई सक्रियता देखने को नहीं मिली। इससे लोगों में रोष और निराशा दोनों बढ़ते गए।
शकेब अख्तर की पहल, बदली तस्वीर
इसी बीच वार्ड 23 के समाजसेवी शकेब अख्तर ने एक बार फिर अपनी सक्रियता का परिचय दिया। जैसे ही उन्हें इस समस्या की जानकारी मिली, उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
उन्होंने बिना समय गंवाए नगरपालिका अधिकारियों से संपर्क किया और इस मुद्दे को प्राथमिकता के साथ उठाया। लगातार फॉलोअप कर उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि समस्या को नजरअंदाज न किया जाए।
मिस्त्री पहुंचे तो सभासद की भी हुई मौजूदगी
शकेब अख्तर की पहल के बाद जब नगरपालिका की टीम और मिस्त्री मौके पर पहुंचे और चेंबर की मरम्मत का काम शुरू हुआ, तो सूचना मिलते ही वार्ड सभासद भी मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान स्थानीय लोगों में यह चर्चा तेज रही कि जब समस्या महीनों से बनी हुई थी तब कोई देखने तक नहीं आया, लेकिन जैसे ही काम शुरू हुआ, जिम्मेदारों की मौजूदगी जरूर नजर आने लगी। यह बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
नगरपालिका अध्यक्ष ने लिया संज्ञान, तुरंत दिए निर्देश
मामले को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष नजमूल इस्लाम ने भी तत्परता दिखाई। उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
उनके निर्देश के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर तेजी से काम शुरू किया और टूटे हुए चेंबर को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया।
समस्या खत्म, लोगों ने ली राहत की सांस
जैसे ही मरम्मत कार्य पूरा हुआ, क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। अब सड़क पर आवागमन पहले की तरह सुचारु हो गया है और हादसे का खतरा भी काफी हद तक टल गया है।
दुकानदारों और राहगीरों ने इस कार्य के लिए खुलकर सराहना की और कहा कि यह काम काफी पहले हो जाना चाहिए था।
क्षेत्रवासियों की साफ राय—“काम करने वाला ही असली प्रतिनिधि”
स्थानीय लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“हमने कई बार शिकायत की, वीडियो भी वायरल किए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब उम्मीद टूटने लगी, तब शकेब अख्तर आगे आए और काम कराकर दिखाया। ऐसे ही लोगों की जरूरत है, जो सिर्फ वादे नहीं, बल्कि जमीन पर काम करते हैं।”
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि काम शुरू होते ही जिम्मेदारों का मौके पर पहुंचना यह दिखाता है कि जनता सब समझती है।
सियासत गरमाई शकेब अख्तर उतरेंगे मैदान में
इस पूरे घटनाक्रम के बाद वार्ड 23 में सियासी हलचल तेज हो गई है। क्षेत्र में चर्चा है कि समाजसेवी शकेब अख्तर अब वार्ड 23 से सभासद पद के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे।
इस खबर के बाद राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है, और माना जा रहा है कि आने वाले समय में वार्ड 23 की सियासत दिलचस्प मोड़ ले सकती है।
संदेश साफ—जनता अब काम देखती है, वादे नहीं
यह पूरा मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि जनता अब सिर्फ वादों पर भरोसा नहीं करती, बल्कि काम देखने के बाद ही फैसला करती है।
जब जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी निभाने में पीछे रह जाते हैं, तब समाजसेवी आगे आकर जनता की आवाज बनते हैं और व्यवस्था को जगाने का काम करते हैं।
वार्ड 23 की यह कहानी सिर्फ एक चेंबर की मरम्मत नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, सक्रियता और जनसेवा का आईना बनकर सामने आई है।
