
भारत-अमेरिका फ्री व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का फूटा गुस्सा, सरकार को दी चेतावनी
सादिक सिद्दीक़ी
शामली भारत-अमेरिका फ्री व्यापार समझौते के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मंगलवार को ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने इसे देश के किसानों के लिए घातक बताते हुए शामली के जिलाधिकारी को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन भाकियू जिला अध्यक्ष शांता प्रधान जी के नेतृत्व में सौंपा गया। इस मौके पर बतीसा खाप के चौधरी शोकिंदर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनपाल चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खतियान, मंडल उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल नाला, योगेंद्र पवार, महिपाल मुखिया, जिला महिला अध्यक्ष कविता चौधरी, युवा अध्यक्ष अमरपाल बालियान, प्रभात मलिक, गौतम पवार, मनोज तोमर, गयूर हसन, इंतजार प्रधान, मास्टर जाहिद, मुकम्मल पहलवान, गुड्डू अध्यक्ष, मोहित शर्मा, विनय राठी, अरविंद टोडा, रईस पठान समेत जिलेभर से भारी संख्या में किसान व पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने “किसान विरोधी समझौता रद्द करो”, “किसान एकता ज़िंदाबाद”, “सरकार होश में आओ” जैसे नारे लगाते हुए सरकार को चेतावनी दी कि यदि यह समझौता वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भाकियू नेताओं ने कहा कि इस समझौते से विदेशी कृषि उत्पाद भारत में सस्ते दामों पर आएंगे, जिससे भारतीय किसानों की फसलों की कीमतें गिर जाएंगी और उनका हक़ मारा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगर वास्तव में किसानों के हित में काम करना चाहती है, तो ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले किसान संगठनों से राय लेनी चाहिए।
भाकियू जिला अध्यक्ष शांता प्रधान जी ने कहा कि भारत के किसानों की मेहनत को विदेशी व्यापार के हवाले नहीं किया जा सकता। सरकार को किसानों की पीड़ा समझनी होगी।
उन्होंने कहा “किसान देश की रीढ़ है, और यदि रीढ़ कमजोर होगी, तो देश कभी मज़बूत नहीं रह सकता।”
किसानों ने एक स्वर में मांग की कि भारत-अमेरिका फ्री व्यापार समझौते को तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा देशभर में विरोध की लहर और तेज़ होगी।