
महाविद्यालय में एनएसएस विशेष शिविर के दूसरे दिन मतदाता जागरूकता रैली एवं व्याख्यान का आयोजन
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांधला में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस की शुरुआत स्वयंसेविकाओं ने शिविर स्थल की सफाई, प्रार्थना एवं एनएसएस के लक्ष्य गीत “उठे समाज के लिए उठें उठें” के सामूहिक गायन से की।
शिविर के प्रथम सत्र में मतदाता जन-जागरूकता अभियान के तहत स्वयंसेविकाओं ने एक रैली निकाली, जो शिविर स्थल से प्रारंभ होकर राय जादगान मोहल्ला, गुजरान मोहल्ला होते हुए पुनः शिविर स्थल पर पहुंची। रैली का नेतृत्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्याम बाबू ने किया। इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने स्लोगन और नारों के माध्यम से लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया।
इसके पश्चात मतदाता जन-जागरूकता विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। निर्णायक मंडल के निर्णयानुसार प्रथम स्थान अरशी पुत्री मोहम्मद फारुख, द्वितीय स्थान महक पुत्री शाहिद फातिमा एवं तृतीय स्थान अंजुम पुत्री आकिल ने प्राप्त किया।
शिविर के द्वितीय सत्र में “लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी” विषय पर एक प्रेरक व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. बृजेश कुमार राठी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवाओं में ऊर्जा और क्षमता असीमित होती है, जिसे सही दिशा में लगाया जाए तो देश को प्रगति की राह पर ले जाया जा सकता है।
डॉ. राठी ने छात्राओं को अपने मताधिकार के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जो छात्राएं 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं, वे अवश्य अपना मतदाता पहचान पत्र बनवाएं और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने फॉर्म-6 भरकर बीएलओ के पास जमा करने या भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने की जानकारी भी दी।
उन्होंने कहा कि एक जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र की नींव को सशक्त बनाता है। यदि हम मतदान नहीं करते, तो चुनी हुई सरकार की आलोचना करने का अधिकार भी खो देते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर स्तर के चुनावों में भाग लेना चाहिए।
डॉ. राठी ने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और मताधिकार जैसे क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की अहम जिम्मेदारी निभाते हैं। यही कारण है कि एनएसएस को कम्युनिटी सर्विस कहा जाता है।
सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।