
अदब की शाम आल इंडिया मुशायरा में देशभर के शायरों ने लुटी वाहवाही, देर रात तक गूंजती रही शेरो-शायरी की महफ़िल!
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला गणतंत्र महोत्सव के उपलक्ष्य में कांधला स्थित रोज़ गार्डन में नगर पालिका परिषद कांधला के चेयरमैन नजमुल इस्लाम की अध्यक्षता में एक शानदार आल इंडिया मुशायरा का आयोजन किया गया। यह मुशायरा न सिर्फ कांधला बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना रहा।
मुशायरे की शुरुआत सपा नेता चौधरी जावेद जंग द्वारा शमा-ए-मुशायरा रौशन करके की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य वीरेन्द्र सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता चौधरी बाबर जंग, कैराना नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष शमशाद अंसारी, और प्रसिद्ध समाजसेवी ग़य्यूर हसन सहित कई गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
मुशायरे में देशभर से पधारे नामचीन शायरों ने अपनी दिलकश शायरी से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर रात तक मुग्ध होकर तालियां बजाते रहे। मंच पर इक़बाल अशहर, बिलाल सहारनपुरी, शरफ़ नानपारवी, निकहत मुरादाबादी, सरिता जैन जैसे प्रसिद्ध शायरों ने एक से बढ़कर एक ग़ज़लें और नज़्में पेश कीं। उनकी शायरी में मोहब्बत, इंसानियत, और देशभक्ति की खुशबू बिखरती रही।
कार्यक्रम में श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। मुशायरे के दौरान “वाह-वाह”, “मुक़र्रर” और “क्या बात है” जैसे जुमलों से पूरा वातावरण गूंजता रहा। शायरों ने अपनी कलम से अदब और तहज़ीब की ऐसी रौनक बिखेरी कि कांधला की यह रात यादगार बन गई।
इस अवसर पर अंजुमन तामीर-ए-अदब कांधला की ओर से साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री बदरुल इस्लाम को “ज़िया-उल-इस्लाम अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह क्षण उपस्थित सभी लोगों के लिए गर्व का विषय बना।
कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध शायर जुनेद अख़्तर के दिशा-निर्देशन में हुआ, जबकि आयोजन के कन्वीनर रिज़वान अंसारी ने मुशायरे की सफलता में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मंच से सभी आगंतुकों, अतिथियों और शायरों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।
रोज़ गार्डन की फिज़ा में गूंजती शायरी की आवाज़ें रात के तीन बजे तक गूंजती रहीं। यह मुशायरा न सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन था, बल्कि कांधला की अदबी विरासत का शानदार प्रदर्शन भी रहा जहाँ लफ़्ज़ों ने दिलों को छुआ और अदब ने अपनी पहचान फिर से कायम की।