कैराना। नगरपालिका परिषद (नपा) के चेयरमैन शमशाद अहमद अंसारी के खिलाफ सभासदों का धरना लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसान यूनियन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने पहुंचकर सभासदों को अपना समर्थन दिया। विरोध प्रदर्शन कर रहे सभासदों ने चेयरमैन पर निरंकुशता, तानाशाही और हठधर्मिता के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
सभासदों के आरोप:
धरनारत सभासदों ने आरोप लगाया कि नपा चेयरमैन शमशाद अहमद अंसारी ने विकास कार्यों की अनदेखी की है और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि चेयरमैन का रवैया निरंकुश और तानाशाही जैसा है, जिसके विरोध में वे धरने पर बैठे हैं।
सामाजिक संगठनों का समर्थन:
धरने को मजबूती देने के लिए कैराना किसान यूनियन के नगराध्यक्ष नवाब बागबान, बहुद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड (बी-पैक्स) के चेयरमैन मुस्तफा चौधरी, रालोद नेता डॉ. कय्यूम और मानवाधिकार आयोग के सगीर अंसारी सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया।
धरने में शामिल प्रमुख सभासद:
इस धरने में सभासद तौसीफ चौधरी, फुरकान अली, साजिद अली, राशिद बागबान, उम्मेद राणा, शाहिद हसन, राजपाल सिंह, फिरोज खान, सालिम चौधरी, बलवान सिंह और हारुण कुरैशी समेत कई अन्य लोग शामिल रहे।
सभासदों की अडिग रणनीति!
सभासदों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि नगरपालिका में पारदर्शिता और जनहित के कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
इस मामले में नपा चेयरमैन शमशाद अहमद अंसारी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।