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हर तरफ़ बाढ़ का ख़तरा : अफवाहों के बीच रातभर बांध का पहरा देते रहे ग्रामीण

खदर क्षेत्र के गांवों में स्थित धार्मिक स्थलों से बांध की सुरक्षा को लेकर होते रहे अलाउंसमेंट

कैराना। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से यमन नदी उफान पर है। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों ने तटबंध तोड़े जाने की अफवाहों के बीच रातभर बांध पर पहरा लगाया।

मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के बाद हथिनी कुण्ड बैराज पर पानी का अधिक दबाव बढ़ने के बाद यमुना नदी में लगातार लाखों क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा,जिससे यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया और हजारों बीघा फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो चुकी है। सबसे ज्यादा प्रभावित खादर क्षेत्र 16 गांव हुए हैं,जहां यमुना के रौद्र रूप के आगे उनकी तमाम फसलें तहस नहस हो गई हैं। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्तीय क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों की चिंताएं भी बढ़ी हुई हैं।उन्हें बांध टूटने का दर सता रहा है। अगर ऐसा होता है तो भी तबाही आ सकती है।खादर क्षेत्र के गांव मंडावर, बसेड़ा,इस्सोपुर खुरगान, अकबरपुर सुनहेटी,मोहमदपुर राई, नगलाराई,रामडा हैदरपुर,मवी,सहपत मामौर आदि गांवों में रातभर ग्रामीण खौफ के साय में जागते रहे। वहीं धार्मिक स्थलों से बांध की सुरक्षा को लेकर अलाउंसमेंट होते रहे। अफवाह यह फैलती रही कि पानी का दबाव कम करने के लिए हरियाणवी लोग रात के समय यूपी तटबंध को तोड़ सकते हैं। इसी के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण रातभर तटबंध पर डटे रहे और पहरा देते रहे। प्रशासन की ओर से भी तटवर्तीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को हथिनी कुण्ड बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी ने चिंताएं बढ़ा रखी हैं,जिससे यमुना नदी का जल स्तर कम नही हो पा रहा है।

हथिनी बैराज से फिर छोड़ा गया पानी

बुधवार को बैराज पर पानी का अधिक दबाव पड़ने के बाद एक बार फिर यमुना नदी में पानी डिस्चार्ज किया गया है। सुबह सात बजे 190837,नौ बजे 153768 व दस बजे 142025 व 11 बजे 136274क्यूसेक पानी छोड़ा गया है,जो 24 घंटे से पहले ही यहां पहुंच जाएगा,जिसके बाद यमुना नदी तबाही मचा सकती है,क्योंकि अभी भी यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

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