चाइनीज झालरों की चमक पर भारी पड़ा मिट्टी का देसी अंदाज, कांधला में चुक्के-कुल्हियों की मची धूम,

 

कांधला दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही कांधला के बाजारों में रौनक अपने चरम पर पहुंचने लगी है। इस बार बाजार में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर लोग घरों को सजाने के लिए रंग-बिरंगी झालरों की खरीदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मिट्टी से बने पारंपरिक सामान ने भी बाजार में अपनी अलग पहचान बना ली है। चुक्के, कुल्हिये, मिट्टी के दीपक और देवी-देवताओं की मूर्तियों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।खास बात यह है कि इस बार मिट्टी के सामान की मांग ने स्थानीय कुम्हारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। कांधला के कुम्हार गफूर की दुकान पर सुबह से शाम तक ग्राहकों का आना-जाना लगा हुआ है। महिलाएं भी दीपावली की तैयारियों को लेकर मिट्टी के पारंपरिक सामान की जमकर खरीदारी कर रही हैं। कोई पूजा के लिए चुक्के और कुल्हिये खरीद रहा है तो कोई घरों को रोशन करने के लिए रंग-बिरंगे दीपक पसंद कर रहा है।कुम्हार गफूर ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार मिट्टी के सामान की बिक्री लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है। लोगों में देसी सामान को लेकर खासा उत्साह है। दीपावली पर मिट्टी के बर्तनों और दीपकों की बढ़ती मांग से कुम्हार समाज के कारीगरों को रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि त्योहार के सीजन में होने वाली बिक्री से परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सहारा मिलता है।

कुल मिलाकर इस बार कांधला की दीपावली में मिट्टी की खुशबू और देसी परंपरा का रंग खूब चढ़ा हुआ है। आधुनिक सजावट के दौर में भी मिट्टी के दीपक और पारंपरिक बर्तन लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। बाजार की रौनक ने स्थानीय कारीगरों की उम्मीदों को भी नई रोशनी दे दी है।

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