
नहरों को मिलेगी नई जिंदगी, किसानों को ओवरफ्लो से राहत!
कांधला क्षेत्र के फाजलपुर गांव में पूर्वी यमुना नहर की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। वर्षों से जर्जर पड़े नहर और रजवाहों के गेटों को बदलने का काम सिंचाई विभाग ने शुरू करा दिया है। विभाग की इस पहल से लंबे समय से पानी के ओवरफ्लो और रजवाहों के टूटने की समस्या से जूझ रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।नहर के कुल आठ और उससे जुड़े रजवाहों के तीन गेटों समेत 11 गेटों का नवीनीकरण कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के जेई राजीव गुप्ता, एसडीओ सुनील कुमार और मनोज गौतम की देखरेख में कार्य चल रहा है।दरअसल, नहर में पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए कई साल पहले लोहे के गेट लगाए गए थे। लंबे समय तक इस्तेमाल होने के कारण इनकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। स्थिति यह थी कि तीन गेट जर्जर होने के चलते खुल भी नहीं पा रहे थे। पानी को समय पर रोकने और छोड़ने में परेशानी होने से रजवाहों में पानी का दबाव बढ़ जाता था।पानी का बहाव नियंत्रित नहीं होने के कारण रजवाहे ओवरफ्लो होकर टूट जाते थे। इससे आसपास के किसानों के खेतों में पानी भर जाता था और उनकी फसलों को नुकसान उठाना पड़ता था। किसानों की इसी परेशानी को देखते हुए विभाग ने पुराने गेटों को बदलने का काम शुरू कराया है।जेई राजीव गुप्ता ने बताया कि पुराने गेट ठीक से काम नहीं कर रहे थे। अब आठ नहर और तीन रजवाहों के गेटों का नवीनीकरण कराया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद पानी के बहाव को नियंत्रित करना आसान होगा और ओवरफ्लो के कारण रजवाहों के टूटने की समस्या पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।
नहर के गेट बदलने का काम पूरा होने के बाद सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे पानी की निकासी और आपूर्ति को जरूरत के मुताबिक नियंत्रित किया जा सकेगा। किसानों को खेतों में पानी भरने और फसलों के नुकसान जैसी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।