पीएम आवास योजना की लाभार्थी सूची से चुनता था शिकार, खुद को ब्लॉक अधिकारी बताकर देता था पक्का मकान बनवाने का झांसा, फर्जी मैसेज भेजकर करता था ठगी!
शामली/कैराना। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे मकान को पक्का कराने के लिए सरकारी सहायता दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों से ठगी करने वाले एक आरोपी को कैराना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
मामले की शुरुआत गांव जंधेड़ी निवासी महताब पुत्र मेहरबान की शिकायत से हुई। महताब ने 18 जुलाई को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सहारनपुर जनपद के थाना ननौता क्षेत्र के गांव भारी दीनदारपुर निवासी सोनू पुत्र यशपाल उसके गांव पहुंचा था। आरोपी ने अपने आप को शामली का ब्लॉक अधिकारी बताते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कच्चे मकान को पक्का कराने के लिए 2.80 लाख रुपये की सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप है कि सोनू ने योजना की फाइल तैयार कराने और अन्य शुल्कों का हवाला देकर महताब से 960 रुपये ऑनलाइन तथा 5 हजार रुपये नकद ले लिए। बाद में जब सहायता राशि नहीं मिली तो पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में ठगी का तरीका सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की। शनिवार को पुलिस अधीक्षक शामली एनपी सिंह के निर्देश पर कैराना पुलिस ने आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने ठगी का तरीका कबूल किया है। वह प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट से लाभार्थियों की सूची हासिल करता था। इसके बाद सूची के आधार पर गांवों में पहुंचकर कच्चे मकान वाले लोगों से संपर्क करता और सरकारी सहायता दिलाने का झांसा देता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों से पैसे लेने के बाद उनके मोबाइल फोन पर 2.80 लाख रुपये खाते में आने का फर्जी टेक्स्ट मैसेज भेज देता था। मैसेज देखकर पीड़ितों को विश्वास हो जाता था कि योजना की रकम उनके खाते में पहुंच गई है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी फाइल शुल्क, दस्तावेज शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर उनसे रकम वसूलता रहा।
महताब से 960 रुपये ऑनलाइन और 5 हजार रुपये नकद लेने की शिकायत से शुरू हुई जांच का दायरा बढ़ने पर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि अब तक की पड़ताल में 405 लोगों से करीब 12.20 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है, ताकि ठगी की वास्तविक रकम तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा किसी भी सरकारी योजना के नाम पर राशि, फाइल चार्ज या प्रोसेसिंग शुल्क मांगने वाले व्यक्ति की पहचान संबंधित विभाग से सत्यापित करें। सरकारी योजना की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल और विभागीय कार्यालयों पर ही भरोसा करें।
