
बंदरों के झुंड का बच्ची पर हमला, चीख-पुकार से मचा हड़कंप
* घर के आंगन में खेल रही बच्ची को अचानक दबोचा, परिजनों ने डंडे लेकर बंदरों को खदेड़ा
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इसी क्रम में कांधला के गंगेरू मार्ग पर घर के आंगन में खेल रही एक बच्ची पर बंदरों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। बंदर के हमले में बच्ची घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और परिजन दौड़कर पहुंचे।
बताया गया कि बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान बंदरों का एक झुंड अचानक मकान पर आ गया। झुंड में शामिल एक बंदर ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया। हमले से बच्ची घबरा गई और चीख-पुकार करने लगी। बच्ची की आवाज सुनकर परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और डंडे लेकर बंदरों को वहां से भगाया।
घटना के बाद परिजन घायल बच्ची को आनन-फानन में कांधला के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बच्ची का उपचार किया और उसे एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। सरकारी चिकित्सक वीरेंद्र सिंह ने बच्ची को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई।
बंदरों के आतंक से दहशत में लोग
बंदरों के हमले की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों के झुंड अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं, जिससे बच्चों और राहगीरों को खतरा बना रहता है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
चिकित्सक ने भी क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे बंदरों और अन्य आवारा जानवरों से दूरी बनाए रखें तथा बच्चों को अकेले उनके आसपास न जाने दें। साथ ही किसी भी तरह के हमले की स्थिति में घायल को तत्काल चिकित्सकीय उपचार दिलाना बेहद जरूरी है।
बंदरों के बढ़ते आतंक के बीच बच्ची पर हुए हमले ने एक बार फिर आबादी वाले इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है।