
बारिश ने खोली रेलवे के निर्माण की पोल, अंडरपास बना तालाब
* छह महीने में ही डूब गया करोड़ों का अंडरपास! बारिश ने खोली निर्माण की पोल, ग्रामीण बोले ‘रास्ता नहीं, बना दिया तालाब’
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। कस्बा एलम में रेलवे विभाग द्वारा करीब छह महीने पहले बड़े दावों के साथ बनाया गया नवनिर्मित अंडरपास पहली ही तेज बारिश में पानी से लबालब भर गया। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस अंडरपास में हुए जलभराव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों का मुख्य आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद अंडरपास किसी सड़क की बजाय तालाब जैसा दिखाई देने लगा। यह अंडरपास शास्त्रीनगर, गांधीनगर, हरीनगर समेत कई मोहल्लों और आसपास के ग्रामीणों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। पानी भरने से लोगों को अपने खेतों, स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास निर्माण के समय जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि पहली ही बारिश में अंडरपास जलमग्न हो गया तो आने वाले मानसून में स्थिति और भयावह हो सकती है।
समस्या से परेशान कस्बावासियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अंडरपास से पानी निकालने और जलभराव की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और रेलवे विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।