
सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, पूर्व सभासद ने तहसील दिवस में लगाई गुहार
* सरकारी जमीन पर दबंगों का कब्जा! पूर्व सभासद ने तहसील दिवस में उठाई आवाज, कब्जा मुक्त कराने की मांग
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। कस्बा एलम में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। कस्बे के पूर्व सभासद सोनू पवार ने कुछ लोगों पर पशुचर और बंजर भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
पूर्व सभासद सोनू पवार ने तहसील दिवस में दिए शिकायती पत्र में बताया कि कस्बा एलम स्थित खसरा संख्या 21 राजस्व अभिलेखों में पशुचर भूमि के रूप में दर्ज है, जबकि खसरा संख्या 275 बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि कस्बे के कुछ दबंग किस्म के लोगों ने इन सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है और लगातार निर्माण तथा उपयोग भी किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जे के कारण आम लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और भविष्य में सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध भूमि भी समाप्त होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, राजस्व विभाग से पैमाइश कराने तथा अवैध कब्जे हटाकर सरकारी भूमि को पुनः मुक्त कराने की मांग की है।
तहसील दिवस में प्रस्तुत शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर सरकारी भूमि पर कथित कब्जे के मामले में कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।