क्या कानून का नहीं रहा खौफ?

 

पुलिस चौकी का बोर्ड उखाड़कर सरकारी भूमि पर लगा दी ठेली

 

 

सादिक सिद्दीक़ी

 

कांधला। कस्बे के दिल्ली बस स्टैंड स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समीप प्रस्तावित पुलिस चौकी के लिए चिन्हित सरकारी स्थल पर लगे पुलिस चौकी के बोर्ड को उखाड़कर उसी स्थान पर ठेली लगाए जाने का मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना ने न केवल स्थानीय नागरिकों को हैरान कर दिया है, बल्कि कानून व्यवस्था और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस चौकी के लिए आरक्षित सरकारी स्थान पर ही इस प्रकार का कथित अतिक्रमण हो सकता है, तो आम सरकारी भूमि और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

 

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ती आबादी, यातायात और कानून व्यवस्था की आवश्यकता को देखते हुए दिल्ली बस स्टैंड पर पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। इसी उद्देश्य से संबंधित स्थान पर पुलिस चौकी का बोर्ड भी लगाया गया था, ताकि लोगों को यह संदेश मिल सके कि शीघ्र ही यहां पुलिस चौकी स्थापित होगी। बोर्ड लगने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी थी और उन्हें उम्मीद थी कि बस स्टैंड तथा आसपास के इलाके में पुलिस की मौजूदगी से अपराधों पर अंकुश लगेगा तथा आम नागरिकों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

 

लेकिन लोगों की उम्मीदों को उस समय झटका लगा, जब कुछ दिनों बाद पुलिस चौकी का बोर्ड वहां से गायब मिला। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने बोर्ड को उखाड़ दिया और उसी स्थान पर ठेली लगाकर सरकारी भूमि पर कब्ज़ा कर लिया। सबसे हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि यह सब एक व्यस्त सार्वजनिक स्थल पर हुआ, जहां दिनभर सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है।

 

इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सरकारी बोर्ड को उखाड़ना केवल एक बोर्ड हटाना नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था और कानून के प्रति खुली अवहेलना है। यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अन्य सरकारी स्थलों पर भी अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हो सकते हैं।

 

दिल्ली बस स्टैंड कांधला का सबसे व्यस्त सार्वजनिक स्थान माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। बस स्टैंड के आसपास व्यापारिक प्रतिष्ठान, बाजार और अन्य सार्वजनिक गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर पुलिस चौकी की स्थापना लंबे समय से क्षेत्र की आवश्यकता मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी बनने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात व्यवस्था में सुधार, महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

 

स्थानीय नागरिकों ने यह भी मांग की है कि पुलिस चौकी का बोर्ड दोबारा उसी स्थान पर स्थापित कराया जाए, सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में उचित नहीं मानी जा सकती।

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