
चुनाव भले दूर, लेकिन वार्ड 23 में शकेब अख्तर बने सबसे बड़ा मुद्दा!
“फिलहाल एक बात तो तय है चुनाव भले दूर हो लेकिन वार्ड 23 में सियासी जंग अभी से शुरू हो चुकी है!”
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सादिक सिद्दीक़ी |
कांधला कस्बे के मोहल्ला मौलानान, वार्ड 23 में इन दिनों सियासत का पारा इस कदर चढ़ा हुआ है कि हर गली, हर नुक्कड़ और हर चौपाल पर बस एक ही नाम गूंज रहा है समाजसेवी शकेब अख्तर। नगर निकाय चुनाव भले ही अभी दो साल दूर हों, लेकिन यहां का माहौल देखकर ऐसा लगता है मानो चुनाव सिर पर खड़े हों।
जैसे ही यह चर्चाएं तेज हुईं कि समाजसेवी शकेब अख्तर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं, वैसे ही विरोधियों के खेमे में हलचल नहीं बल्कि सीधा ‘भूकंप’ आ गया। जो चेहरे अब तक सियासत से दूर नजर आ रहे थे, वे अचानक सक्रिय हो गए हैं। कहीं बंद कमरों में रणनीति बन रही है, तो कहीं नए समीकरण तैयार किए जा रहे हैं।
“खतरा हार का नहीं खतरा है शकेब अख्तर की बढ़ती पकड़ का!”यह जुमला अब वार्ड 23 की सियासत की असली तस्वीर बनता जा रहा है।दरअसल, समाजसेवी शकेब अख्तर की लगातार बढ़ती सक्रियता, लोगों के बीच मजबूत पकड़ और छोटे-छोटे मुद्दों पर उनकी तुरंत मौजूदगी ने उन्हें वार्ड का एक मजबूत चेहरा बना दिया है। आम जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की बन रही है, जो सिर्फ बात नहीं करता, बल्कि मौके पर पहुंचकर काम करता है।एक तरफ जहां लोग उनके काम करने के अंदाज की खुलकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विरोधी खेमे में बेचैनी साफ देखी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, वार्ड में अब दो तरह की राजनीति साफ नजर आ रही है एक वो जो जमीन पर उतरकर काम कर रही है,
और दूसरी वो जो कमरों में बैठकर समीकरण बना रही है।
गली-मोहल्लों में चर्चाएं भी तेज हैं“अभी से ये हाल है, तो चुनाव आते-आते क्या होगा?”
“अगर सीधी टक्कर हुई, तो मुकाबला जबरदस्त होगा!”
वहीं, अंदरखाने यह भी माना जा रहा है कि अगर समाजसेवी शकेब अख्तर इसी तरह जनता के बीच सक्रिय रहे, तो आने वाले चुनाव में वार्ड 23 की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।इस बीच, समाजसेवी शकेब जे. अख्तर ने वार्ड के मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा है कि“वार्ड 23 में बीते 3 सालों में सभासद द्वारा कोई ठोस विकास कार्य नहीं कराया गया। सड़कों की हालत खराब है, नालियां जर्जर हैं और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जनता आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।”
अब देखना यह होगा कि
क्या विरोधी कोई बड़ा दांव खेलते हैं,या फिर वार्ड 23 में शकेब अख्तर का बढ़ता असर आने वाले चुनाव की दिशा तय करेगा।