
बंदरों का आतंक बढ़ा दहशत का माहौल छतो पर मचा उत्पात!
सादिक सिद्दीक़ी
कांधला। कस्बे की नई बस्ती में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। हर रोज सुबह से लेकर देर शाम तक बंदरों के झुंड गलियों और छतों पर धमाचौकड़ी मचाते रहते हैं। घरों की छतों पर सूखते कपड़े फाड़ देना, पानी की टंकियों के ढक्कन खोल देना, और घरों में रखे खाने-पीने का सामान उठा ले जाना अब आम बात हो गई है।बंदरों के डर से अब लोग घरों से निकलने से भी कतराने लगे हैं। महिलाएं छतों पर नहीं जातीं और बच्चे गलियों में खेलने तक से डरते हैं। कई बार बंदरों ने बुजुर्गों और राह चलते लोगों पर झपट्टा मारकर चोटें भी पहुंचाई हैं।कॉलोनी निवासी सलीम ने बताया कि “आई दिन बंदरों का झुंड आता है, कभी छतों पर कूदते हैं, कभी घरों में घुस आते हैं। कई बार बच्चों के हाथ से खाना छीनकर भाग जाते हैं। अब तो ऐसा लगता है जैसे नई बस्ती में बंदरों का राज चल रहा है।”स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन और वन विभाग से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द इन बंदरों को पकड़वाया जाए। नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।लोगों का कहना है “हम अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं, बंदरों से छुटकारा दिलाना अब प्रशासन की जिम्मेदारी है!”