नहर बनी गंदगी का अड्डा मच्छरों का आतंक, बीमारियों के फैलने का बढ़ा खतरा लोग बोले, अब तो कार्रवाई करो प्रशासन!

 

सादिक सिद्दीक़ी

कांधला कस्बे की छोटी नहर, जो कभी कस्बे की पहचान और सुंदरता की मिसाल मानी जाती थी, आज गंदगी, कूड़े और बदबू का केंद्र बन चुकी है। नहर का पानी अब साफ नहीं, बल्कि काले रंग की बजबजाती धारा में बदल गया है। आसपास की बस्तियों और घरों का गंदा पानी लगातार इस नहर में गिर रहा है। नतीजा यह कि नहर अब नाले का रूप ले चुकी है।नहर के किनारों पर लगे कूड़े-कचरे के ढेर से बदबू चारों ओर फैल रही है। मरे हुए जानवरों के अवशेष, सड़ी-सड़ी चीज़ें और प्लास्टिक का कचरा इसमें खुलेआम फेंका जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय तो मच्छरों की भिनभिनाहट और दुर्गंध से वहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है।स्थानीय निवासी आरिफ का कहना है, “यदि नहर की सफाई जल्द नहीं हुई, तो इलाके में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य संक्रमणजनित बीमारियां फैल सकती हैं।” उन्होंने बताया कि कई बार सफाई को लेकर शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

कस्बे के व्यापारी गुलशन खत्रा ने भी नहर की हालत पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “नहर अब पूरी तरह से नाले में तब्दील हो चुकी है। आसपास के घरों का सारा गंदा पानी सीधे इसी में जा रहा है। इससे न सिर्फ बदबू और गंदगी बढ़ रही है, बल्कि स्वास्थ्य संकट भी गहराता जा रहा है।”खत्रा ने बताया कि इस नहर से पहले लोग खेती-बाड़ी के लिए पानी इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब उसमें हाथ डालना भी मुश्किल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तुरंत सफाई अभियान चलाकर नहर को गंदगी से मुक्त किया जाए और गंदे पानी की निकासी के लिए अलग से नाला या पाइपलाइन व्यवस्था की जाए।कस्बे के बुजुर्गों का कहना है कि कभी यह नहर लोगों की जीवनरेखा थी, बच्चे इसमें नहाते थे और किनारों पर हरियाली थी, लेकिन आज वह नज़ारा सिर्फ यादों में रह गया है।

स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ध्यान नहीं दिया, तो यह गंदगी आने वाले दिनों में महामारी का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि “अब सफाई सिर्फ कागजों पर नहीं, ज़मीन पर दिखनी चाहिए।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!